Asianet News HindiAsianet News Hindi

75 साल बाद मैनपुरी जिले के इस गांव को मिल रही सड़क की सुविधा, ग्रामीणों की पहल से साकार हुआ सपना

यूपी के जिले मैनपुरी के नाथपुरा गांव में 75 साल बाद सड़क मिलने से बच्चे समेत बूढ़े भी खुशी से झूम उठे हैं। गांव वालों के इस सपने को साकार करने में कुछ किसानों ने अपनी जमीन का कुछ हिस्सा दिया है, जिसके बाद कच्ची सड़क का निर्माण हो पाया है।

After 75 years village Mainpuri district getting road facility dream came true with initiative villagers
Author
First Published Sep 2, 2022, 10:05 AM IST

मैनपुरी: उत्तर प्रदेश में कई ऐसे गांव है जहां आज भी सड़क, बिजली की व्यवस्था नहीं है लेकिन राज्य सरकार के द्वारा ऐसी जगहों को सारी व्यवस्थाएं दी जा रही है। इसके बावजूद यूपी के जिले मैनपुरी में एक ऐसा गांव भी था, जहां 75 सालों से गांव में आने-जाने का कोई रास्ता तक नहीं था। जिसकी वजह से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। फिर चाहे चिकित्सा की बात हो या फिर शिक्षा की, इसकी वजह से बच्चों के भविष्य को भी कुछ ठिकाना नहीं था। ग्रामीणों का जीवन जीना हर तरह से दूभर हो गया था। पर आज गांव वालों की पहल पर नक्शे में रास्ता न होने पर भी कुछ किसानों ने अपनी जमीनों में रास्ता निकलवाने की मंजूरी दी है।

मैनपुरी के नाथपुरा गांव को 75 साल बाद मिली सड़क 
शहर के नाथपुरा गांव में लोगों को हर तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। किसानों के द्वारा अपनी जमीनों में रास्ता देने के बाद जिला प्रशासन उनकी मंजूरी को ध्यान में रखते हुए उन ग्राम वासियों को रास्ता देने के लिए गांव पहुंचा। प्रशासन ने एक पंचायत बुलाई और सभी की रजामंदी लेते हुए रास्ता बनवाना शुरू कर दिया है। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे इस मार्ग में कई किसानों ने अपनी जमीन दी है। इस गांव के नौनिहाल स्कूल जाने में आ रही दिक्कतों को खत्म होता देख बच्चे खुश दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं गांव को 75 साल बाद गांव से बाहर निकलने का रास्ता मिलने से बच्चे से लेकर बूढ़े भी खुशी से झूम उठे है। 

7 किसानों समेत प्रधान ने दिया जमीन का कुछ हिस्सा
गांव के एक स्थानीय ने कहा कि हम खुश हैं। हमारे बच्चे भी खुश हैं क्योंकि वे अब स्कूल जा सकते हैं। हम उन सभी को धन्यवाद देना चाहते हैं जिन्होंने हमारे लिए सोचा। वहीं प्रधानपति ने कहा कि 75 सालों से इस गांव के लिए रास्ता ही नहीं था। अब सभी का काफी सहयोग मिला और तब जाकर यह रास्ता बना है। इसके लिए सात किसानों ने अपनी जमीन दी है, तब जाकर यह रास्ता बन पाया है। किसानों के साथ-साथ गांव के प्रधान ने भी अपनी जमीन का कुछ हिस्सा दिया है। सभी लोगों के प्रयास से आज इतने सालों बाद गांव में सड़क होगी।

रास्ते को पक्का कराने के लिए अधिकारी करेंगे कोशिश
शहर के मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि करपिया के गांव नाथपुरा के लिए कोई सरकारी रोड और मार्ग न तो अभिलेखों में था और न ही मौके पर। यहां के लोग ऐसे ही किसी न किसी के खेतों से निकलते रहते थे। बारिश के दिनों में विषम स्थितियां पैदा होती थी। जनसमुदाय के लोगों से अपील करने पर वहां के किसानों ने अपनी जमीन देकर रास्ते का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने आगे कहा कि हम लोगों ने कच्चा रास्ता बना दिया है। साथ ही उन लोगों को धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने रास्ते के लिए जमीन दान में दी। आगे की कोशिश है कि किसी जिला पंचायत निधि के द्वारा इस रास्ते को पक्का कराया जाएगा।

मां-बाप करना चाहते थे शादी, एक टीचर की प्रेरणा ने बदल दी जिंदगी, जानिए मलिन बस्ती की पहली ग्रेजुएट की कहानी

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios