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दीपावली के बाद यूपी के कई शहरों की हवा जहरीली, जानें AQI सुधारने के लिए क्या किए जा रहे उपाय

यूपी में दिवाली के बाद वायु प्रदूषण के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में वायु की गुणवत्ता में बेहद गिरावट दर्ज की गई है। जिसके कारण लोग मास्क पहनकर गर से बाहर निकल रहे हैं।

After Diwali air of many cities became poisonous know what measures are being taken to improve AQI
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First Published Oct 27, 2022, 7:08 PM IST

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में दिवाली के बाद वायु प्रदूषण के कारण लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के अलग-अलग शहरों में वायु प्रदूषण में काफी बढ़ोत्तरी हो गई है। बता दें कि नोएडा में दिवाली के दो-तीन दिन बाद भी हवा की गुणवत्ता काफी खराब स्तर पर दर्ज की गई है। वहीं नोएडा में एयर क्वालिटी इंडेक्स में भी काफी बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। सफर एप के अनुसार, नोएडा एयर क्वालिटी इंडेक्स 360 दर्ज किया गया है। बता दें कि यह बेहद खराब श्रेणी का वायु प्रदूषण स्तर माना जाता है। 

लोगों का सांस लेना हुआ मुश्किल
भारत सरकार के एप सफर एयर के अनुसार, ये AQI के आंकड़े दर्ज किए गए हैं। नोएडा में खराब वायु प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालने वाला है। खराब हवा के चलते फेफड़ों में समस्या के साथ ही एस्थेमेटिक मरीजों के लिए भी समस्या बढ़ गई है। दिवाली के बाद एयर क्वालिटी इंडेक्स इतना खराब हो गया है कि लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। प्रदूषण के कारण यूपी के कई जिलों का हाल बेहाल हुआ पड़ा है। केवल नोएडा ही नहीं बल्कि गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ समेत कई जिलों में वायु प्रदूषण में भारी बढ़ोतरी हुई है

मास्क पहनकर घर से निकल रहे लोग
गाजियाबाद में बीते मंगलवार को AQI 369 दर्ज किया गया था। वहीं राजधानी लखनऊ में AQI लेवल 207, कानपुर में 263 आगरा में AQI 332, मेरठ में 253 और प्रयागराज में AQI 164 दर्ज किया गया है। इसके अलावा पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में AQI 180 दर्ज किया गया था। वायु प्रदूषण के कारण पूरे प्रदेश का हाल बेहाल नजर आ रहा है। लोग मास्क लगाकर घरों से बाहर निकल रहे हैं। वहीं पूरे आसमान में धुंआ-धुंआ छाया हुआ है। जहां एक ओर लोग खराब प्रदूषण के कारण बीमार पड़ रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर बीमार लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पूरे राज्य में सबसे कम प्रदूषण वृंदावन में दर्ज किया गया। वृंदावन में एयर क्वालिटी इंडेक्स 106 दर्ज किया गया। 

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