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लॉकडाउन-2 के बाद 4 मई से इन क्षेत्रों में खुलेंगी इंडस्ट्रीज, इन शर्तों का करना होगा पालन

एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक ग्रीन जोन और यलो जोन में उद्योग शुरू किए जाएंगे। ग्रीन जोन वह क्षेत्र है जहां कोरोना का एक भी मामला अब तक सामने नहीं आया है, जबकि यलो जोन वह है जहां पिछले 14 दिनों में कोई नई मामला सामने नहीं आया। इन दोनों ही क्षेत्रों में पड़ने वाले उद्योगों को शुरू किया जाएगा।

After Lockdown-2, industries will open in these areas from May 4, these conditions will be followed ASA
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Lucknow, First Published Apr 29, 2020, 8:43 AM IST
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लखनऊ (Uttar Pradesh) । कोरोना महामारी की वजह से जारी लॉकडाउन टू के समाप्ति पर लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार तीन जोन में जिलो और वहां की एरिया को बांटने की तैयारी की है, जिसके आधार पर वहां बंद उद्योग धंधों को 3 मई के बाद से राहत मिल सकती है। इसे लेकर सीएम ने टीम-11 के साथ मीटिंग भी की है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक 3 मई के बाद ग्रीन जोन और यलो जोन में आने वाले उद्योगों को कुछ शर्तों के साथ खोने का निर्देश दिया गया है। 

ग्रीन और यलो जोन में शुरू होंगे उद्योग
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक ग्रीन जोन और यलो जोन में उद्योग शुरू किए जाएंगे। ग्रीन जोन वह क्षेत्र है जहां कोरोना का एक भी मामला अब तक सामने नहीं आया है, जबकि यलो जोन वह है जहां पिछले 14 दिनों में कोई नई मामला सामने नहीं आया। इन दोनों ही क्षेत्रों में पड़ने वाले उद्योगों को शुरू किया जाएगा। यहां काम करने वाले कामगारों की थर्मल स्क्रीनिंग, सोशल डिस्टेंसेंग, मास्क पहनना और सैनीटाइजर सहित अन्य मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।

सभी डीएम को दिए गए ये निर्देश
मुख्य सचिव आरके तिवारी ने सभी डीएम को निर्देश जारी किया है, जिसके मुताबिक कोविड-19 के कारण घोषित लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को यथाशीघ्र प्रारम्भ कराए जाने का निर्देश दिया गया है। मुख्य सचिव ने कहा है कि हॉटस्पॉट और कन्टेंनमेंट क्षेत्र से बाहर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को ही चलाने की अनुमति दी जाए। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त द्वारा स्थानीय चिकित्साधिकारियों के साथ समय-समय पर इन उद्योगों का निरीक्षण कर सोशल डिस्टेन्सिंग एवं सेनेटाइजेशन आदि के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। इन इकाइयों के कर्मचारियों की थर्मल स्कैनिंग कराने के साथ-साथ रेंडम आधार पर कुछ कर्मचारियों का आरटी-पीसीआर टेस्ट भी कराया जाए। 

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