समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मैनपुरी के करहल सीट से चुनाव लड़ने को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने एक टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया जिसमें वह बोले, "करहल की जनता और हमारी पार्टी चाहती थी, इसलिए मैं वहां से चुनाव लड़ रहा हूं। सपा मुखिया ने कहा कि अभी मैं आजमगढ़ का सांसद हूं। आजमगढ़ कभी नहीं छोड़ूंगा।"

लखनऊ: पूर्व सीएम अखिलेश यादव पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ेगें। हाल ही में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मैनपुरी के करहल सीट से चुनाव लड़ने को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने एक टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया जिसमें वह बोले, "करहल की जनता और हमारी पार्टी चाहती थी, इसलिए मैं वहां से चुनाव लड़ रहा हूं। सपा मुखिया ने कहा कि अभी मैं आजमगढ़ का सांसद हूं। आजमगढ़ कभी नहीं छोड़ूंगा।"

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बता दे कि उन्होंने सपा के गढ़ मैनपुरी के करहल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का फैसला किया था। आजमगढ़ से सांसद अखिलेश ने कहा था कि वे अपने संसदीय क्षेत्र की जनता से पूछकर यूपी विधानसभा का चुनाव लड़ने का फैसला करेंगे। करहल सीट की बात की जाए तो यहां 2007 से लगातार जीत हासिल करती रही है। 2017 में मोदी-योगी लहर के बावजूद सपा प्रत्याशी सोबरन सिंह ने 50 फीसदी वोटों पर अपना कब्जा जमाया था। करहल विधानसभा सैफई के करीब है। यहां सपा मुखिया के परिवार का भी काफी प्रभाव रहा है। तीन बार से यहां सपा के सोबरन यादव विधायक है। कहा जाता है कि उनके सिर पर मुलायम सिंह यादव का हाथ है। 2017 के चुनाव में सोबरन सिंह यादव ने 104221 वोट पाकर भाजपा के राम शाक्य को 38405 वोट से करारी शिकस्त दी थी।