एएमयू छात्रों ने कुलपति तारिक मंसूर को एक ज्ञापन सौंपकर यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों और छात्रों के लिए परिसर में अलग-अलग टीकाकरण केंद्र स्थापित करने का आग्रह किया है। वहीं एएमयू के छात्रों ने सेवारत और सेवानिवृत्त शिक्षकों की याद में कैंडल मार्च निकाला और शोक जताते हुए श्रद्धांजलि दी। 

अलीगढ़. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के अंदर कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस महामारी की वजह से अब एक और प्रोफेसर की मौत हो गई। विश्वविद्यालय के प्रिंसिपल ने इस बात की पुष्टि की है। बता दें कि अब तक कोरोना संक्रमण से मरने वाले शिक्षकों की संख्या 39 पहुंच गई है। 18 वर्तमना शिक्षक थे और 21 सेवानिवृत्त थे।

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दो सप्ताह पहले हुए थे कोरोना संक्रमित
दरअसल, रविवार को यूनिवर्सिटी के फार्माकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर मोहम्मद नसीरुद्दीन (55) इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। इस दौरान जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने कहा कि नसीरुद्दीन की दो सप्ताह पहले अचानक तबीयत खराब हुई थी। जिसके बाद उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। इस तरह से उनके निधन से विश्वविद्यालय और शिक्षक समुदाय को बहुत नुकसान पहुंचा है।

यूनिवर्सिटी के छात्रों ने प्रशासन से की यह मांग
वहीं एएमयू छात्रों ने कुलपति तारिक मंसूर को एक ज्ञापन सौंपकर यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों और छात्रों के लिए परिसर में अलग-अलग टीकाकरण केंद्र स्थापित करने का आग्रह किया है। वहीं एएमयू के छात्रों ने सेवारत और सेवानिवृत्त शिक्षकों की याद में कैंडल मार्च निकाला और शोक जताते हुए श्रद्धांजलि दी। जिनकी महामारी की वजह से मौत हो चुकी है।

इन प्रोफेसरों की हुई मौत
एएमयू टीचर्स एसोसिएशन के पूर्व सचिव व ईसी मेंबर प्रो. आफताब आलम ने सूची तैयार की है। इनमें एएमयू के लॉ फैकल्टी के डीन प्रो. शकील समदानी, पूर्व प्राक्टर प्रो. जमशेद, सिद्ददीकी, सुन्नी थियोलोजी डिपार्टमेंट के प्रो. एहसानउल्लाह फहद, उर्दू विभाग के प्रो. मौलाना बख्श अंसारी, पोस्ट हार्वेस्टिंग इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रो. मो. अली खान, राजनीतिक विज्ञान विभाग के प्रो. काजी,मोहम्‍मद जमशेद, मोलीजात विभाग के चेयरमैन प्रो. मो. यूनुस सिद्ददीकी, इलमुल अदविया विभाग के चेयरमैन गुफराम अहमद, मनोविज्ञान विभाग के चेयरमैन प्रो. साजिद अली खान, म्यूजियोलोजी विभाग के चेयरमैन डा. मोहम्मद इरफान, सेंटर फोर वीमेंस स्टडीज के डा. अजीज फैसल, यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक के मोहम्मद सैयदुज्जमान, इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर जिबरैल, संस्कृत विभाग के पूर्व चेयरमैन प्रो. खालिद बिन यूसुफ और अंग्रेजी विभाग के डा. मोहम्मद यूसुफ अंसारी और मोहम्मद नसीरुद्दीन (55) आदि शामिल हैं।