केंद्रीय गृह राज्यमंत्री टेनी के पुत्र आशीष मिश्र को 10 फरवरी को इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था ।हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने आशीष मिश्रा के बेल ऑर्डर में आईपीसी की धारा 302 और 120बी जोड़ने का भी आर्डर दे दिया है ।

लखीमपुर खीरी: तिकुनिया हिंसा मामले के मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री टेनी के पुत्र आशीष मिश्र को 10 फरवरी को इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था ।हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने आशीष मिश्रा के बेल ऑर्डर में आईपीसी की धारा 302 और 120बी जोड़ने का भी आर्डर दे दिया है ।लखनऊ बेंच से एफआईआर 219/ 21 धारा 147, 148,149,307, 326, 427/34 आईपीसी, 30 आर्म्स एक्ट और 177 में बेल दी गयी थी,लेकिन बेल एप्लीकेशन में आरोपी आशीष मिश्र पर लगी हत्या की धारा 302, साजिश रचने की धारा 120 (बी),की धारा का ज़िक्र नहीं था, जिसके बाद आज 14 फरवरी को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में बेल एप्लीकेशन में करेक्शन एप्लीकेशन दाखिल की गई, जिसके बाद इलाहाबाद लखनऊ बेंच ने आशीष मिश्र को सभी धाराओं में जमानत दे दी है।

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आपको यह भी बता दें की 3 अक्टूबर को हुई हिंसा मामले के मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के पुत्र आशीष मिश्र को मुख्य आरोपी बनाया गया था, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी।किसान यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के क्षेत्र के दौरे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने जा रहे थे।वहीं एसयूवी की चपेट में आने से चार किसानों की मौत हो गई और इसके बाद गुस्साए किसानों ने एक पत्रकार, एक ड्राइवर और दो बीजेपी कार्यकर्ताओं की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। जिसके बाद इस मामले ने सियासी रंग ले लिया था और विरोधी दलों ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। घटना के 5 दिन के बाद 8 अक्टूबर को आशीष मिश्र को पूछताछ के लिए पुलिस लाइन बुलाया गया था, जिसके बाद आशीष मिश्र को मुख्य आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जहां आज 14 फरवरी को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्र को जेल में बंद हुए 129 दिन पूरे हो चुके हैं।

मृतक किसान और पत्रकार के परिजनों की जारी रहेगी कानूनी लड़ाई
बता दें कि मामले में नक्षत्र सिंह, दलजीत सिंह, लवप्रीत सिंह, गुरविंदर सिंह, रमन कश्यप की थार से कुचल कर मौत हो गयी थी। बेल की खबर आते ही मृत किसानों व पत्रकार के परिजन बेहद दुखी हो गए। पत्रकार रमन कश्यप के भाई पवन ने कहा कि मंत्री नहीं हटे और उनका दोषी बेटा भी अब बाहर आ जाएगा। मृत किसान नक्षत्र सिंह के बड़े बेटे जगदीप ने कहा कि वह आदेश पर कुछ नहीं कहेंगे, पर कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।

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