समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान की रिहाई शुक्रवार को हो सकती है। जेल अधीक्षक के द्वारा बताया गया कि गुरुवार को रिहाई का आदेश न पहुंचने पर उनकी रिहाई नहीं हो सकी। 

सीतापुर: सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद भी समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और विधायक आजम खान शुक्रवार को जेल से रिहा हुए। गुरुवार को जेल से उनकी रिहाई नहीं हो सकी थी। इसका कारण है कि उनकी रिहाई का फरमान जेल नहीं पहुंचा था। आजम खान की रिहाई से पहले सीतापुर जेल के बाहर पुलिस की ओऱ से चौकसी बढ़ा दी गई थी। आजम की रिहाई के दौरान शिवपाल यादव समेत अन्य दिग्गज नेताओं की मौजूदगी भी वहां पर देखने को मिली। आजम सीतापुर जेल से सीधे रामपुर जाएंगे। 

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कागजात न पहुंचने पर नहीं हो सकी रिहाई 
गौरतलब है कि आजम खान तकरीबन 28 माह से सीतापुर जेल में बंद है। उनके साथ में पत्नी तंजीम फातिमा और बेटा अब्दुल्ला भी कारागार में निरुद्ध था। हालांकि पत्नी और बेटे को जमानत मिलने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था। आजम खान पर 85 से अधिक केस दर्ज हैं। इसमें से ज्यादातर मामलों में जमानत हो चुकी हैं। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने उनको अंतरिम जमानत दी है। रामपुर कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सॉफ्ट कॉपी को दाखिल किया गया। हालांकि प्रमाणित कॉपी दाखिल न हो सकी। वहीं मामले को लेकर सीतापुर जेल अधीक्षक एसके सिंह ने बताया कि दो मामलों में आजम के रिहाई के आदेश आना बाकी है। यह आदेश गुरुवार छह बजे तक कारागार नहीं पहुंचे। कागजात पहुंचने के बाद आगे की कार्यवाही होगी। 

तंजीन फातिमा और अब्दुल्ला के वारंट सशर्त वापस 
अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाण पत्र मामलों को लेकर कोर्ट की तारीख पर उपस्थित न होने को लेकर उनके और उनकी मां तजीन फातिमा के खिलाफ जारी किए गए गैर जमानती वारंट कोर्ट ने सशर्त वापस ले लिए। कोर्ट ने 1-1 लाख के निजी मुचलके पर अब्दुल्ला आजम को अगली तारीख पर कोर्ट में मौजूद रहने का आदेश दिया। 

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