लखनऊ (Uttar Pradesh). अयोध्या फैसले से पहले यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई से नई दिल्ली में मुलाकात की। जिसके बाद उन्होंने कहा, यूपी में 1600 से ज्यादा सोशल अकाउंट्स पर पैनी नजर रखी जा रही है। यही नहीं, अगर जरुरत पड़ी तो प्रदेश में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी जाएगी। वहीं, जुमे की नमाज यानी शुक्रवार को मुस्लिमों ने मस्जिद में नमाज पढ़ने के बाद अयोध्या फैसले पर भाईचारा बनाए रखने की अपील की। 

अयोध्या और लखनऊ में तैनात रहेंगे एक-एक हेलीकॉप्टर
डीजीपी ने कहा, शांतिभंग की आशंका को देखते हुए यूपी में 10 हजार लोगों को पाबंद किया गया है। इसके साथ ही, 450 लोग जेल भेजे गए हैं। फुट पेट्रोलिंग पर फोकस है। लोगों को अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के साथ प्रदेश स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किए जाने की बात कही है। ये कंट्रोम रूम 24 घंटे काम करेंगे। साथ ही उन्होंने अयोध्या और लखनऊ जिले के लिए एक-एक हेलीकॉप्टर की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं।

मस्जिदों में पढ़ा गया जमीअत उलेमा की तरफ से जारी पत्र 
मुसलमानों की संस्था जमीअत उलेमा ने सुप्रीम कोर्ट से फैसले के मद्देनजर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। संगठन की तरफ से मस्जिदों को एक पत्र लिखा गया है, जो आज यानि जुमे की नमाज के बाद ज्यादातर मस्जिदों में पढ़ा गया। पत्र में लिखा था, सब अमन बनाए रखें, यही बेहतर है। फैसला अगर पक्ष में आए तो कोई आतिशबाजी करके खुशी न मनाए। खिलाफ आए तो मायूस न हों, इसका सम्मान करें।