बताया जा रहा है कि 2017 के यूपी चुनाव से पहले कौशांबी बसपा का गढ़ माना जाता रहा है। बावजूद इसके प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने साल 2012 मे बड़े अन्तर से जीत हासिल कर पहली बार भाजपा का कमल सिराथू से खिलाया था।

सिराथू: यूपी चुनाव (UP Vidhansabha chunav 2022) में भाजपा एक बार फिर 2017 जैसा इतिहास दोहराने की तैयारी मे लगे हैं। जमीन स्तर पर भाजपा के कार्यकर्ता नेता सिराथू विधानसभा मे जनसंपर्क अभियान युद्ध स्तर पर जारी रखे हुये है। बताया जा रहा है कि 2017 के यूपी चुनाव से पहले कौशांबी बसपा का गढ़ माना जाता रहा है। बावजूद इसके प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने साल 2012 मे बड़े अन्तर से जीत हासिल कर पहली बार भाजपा का कमल सिराथू से खिलाया था।

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जिले की सिराथू विधानसभा सीट पर मौजूदा समय मे सभी सियासी दलो की नजरे गड़ी है। सीट वीवीआईपी होने के चलते भाजपा और बसपा के अलावा किसी अन्य राजनैतिक दल ने अपने उम्मीदवार नहीं घोषित किया है। सियासी समीकरण की बात की जाय तो सिराथू की जनता ने विकास के मुद्दे को प्रमुख चुनावी मुद्दा बना ऊमीद्वार का चयन करने की तरफ अपना रुझान दिखा रही है। ऐसे ही विधानसभा के कड़ा ब्लाक के गावों मे चुनावी चौपाल मे बैठे ग्रामीण विकास के मुद्दे को प्रमुख मान उम्मीदवार को जिताने की बात कही। 

वही दूसरी ओर भाजपा के नेता व कार्यकर्ता कमर कस भीषण ठंड मे विधानसभा की गाव गलिया और चौबारे पर चुनाव प्रचार की बागडोर सभाले हुये है। मंगलवार को भी भाजपा की 67 टीम ने निर्धारित नेता गण के साथ लाभार्थी संपर्क अभियान चलाया। जिसमे कार्यकर्ताओ ने लाभार्थियों से संपर्क कर उनका हाल चाल जाना और यूपी सहित जनपद मे विकास को गति देने के लिए भाजपा को एक बार फिर प्रचंड बहुमत से मौका देने की बात कही।