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भाजपा MLA ने पहले कोरोना से जंग के लिए दिए 26 लाख रुपये, अब वापस मांग कर बोले- भ्रष्टाचार का है बोलबाला

16 अप्रैल को विधायक श्याम प्रकाश ने सीडीओ को पत्र भेजा, जिसमें यह जानकारी चाही कि उनकी निधि से अब तक सामान क्यों नहीं खरीदा गया? लेकिन उस चिट्ठी का कोई भी जवाब विधायक को नहीं मिला। इस बीच चिकित्सा सामग्री में खरीद-फरोख्त को लेकर भ्रष्टाचार की खबरें सामने आई। 

BJP MLA first gave 26 lakh rupees for Corona, now demanded back - said corruption is dominated ASA
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Hardoi, First Published Apr 27, 2020, 5:46 PM IST
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हरदोई (Uttar Pradesh) । कोरोना वायरस के संक्रमण से निजात पाने के लिए पहले मदद का ढिंढोरा पीटा। मीडिया में खबरों की सुर्खियां बनें, लेकिन अब अपने दिए निधि के पैसे को मांगने लगे हैं। जौनपुर के बाद इस तरह का मामला हरदोई से भी सामने आया है। हालांकि हरदोई के गोपामऊ से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव में लगे उपकरणों की खरीद में हेराफेरी का आरोप लगा रहे हैं, जिसका हवाला देते हुए उन्होंने सीडीओ को पत्र भेजकर अपनी निधि के बाकी पैसे वापस मांग रहे हैं। बता दें कि कोरोना फंड में उपकरण की खरीद के साथ अन्य मद में करीब 26 लाख रुपए दिया था। 

इसलिए दिए थे निधि 26 लाख
भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने 26 मार्च को पत्र लिखकर 25 लाख रुपए की निधि सीडीओ को यह कहकर दी थी कि उनके इलाके की सीएचसी, पीएचसी में चिकित्सा की सामग्री किट और इलाके की जनता के लिए सैनिटाइजर और मास्क की खरीद की जाए। लेकिन, प्रशासन विधायक निधि से अब तक न तो सैनिटाइजर खरीद पाया और न ही कोई मास्क या चिकित्सा सामग्री ही खरीदी गई। 

..और इस तरह वापस मांग ली निधि
16 अप्रैल को विधायक श्याम प्रकाश ने सीडीओ को पत्र भेजा, जिसमें यह जानकारी चाही कि उनकी निधि से अब तक सामान क्यों नहीं खरीदा गया? लेकिन उस चिट्ठी का कोई भी जवाब विधायक को नहीं मिला। इस बीच चिकित्सा सामग्री में खरीद-फरोख्त को लेकर भ्रष्टाचार की खबरें सामने आई। इसके बाद विधायक ने इन खबरों का हवाला देते हुए पाला बदला और अपनी विधायक निधि यह कहकर वापस मांग ली कि चिकित्सा सामग्री खरीद में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। लिहाजा उनकी निधि को वापस कर दिया जाए ताकि उनकी निधि सही काम में जनता के काम आ सके।

अफसरों ने कही ये बातें
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सामान पर्याप्त मात्रा में न मिल पाने की वजह से अभी तक इस निधि से कोई खरीदारी नहीं की जा सकी है। हालांकि ऑर्डर बरेली और मुरादाबाद में दिया गया है।

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