फिल्म सिटी से टॉय सिटी तक…Yamuna Expressway पर एक साथ शुरू होंगे कई मेगा प्रोजेक्ट
YEIDA Projects: यमुना एक्सप्रेस-वे अब सिर्फ प्लॉटिंग नहीं रहा। YEIDA यहां मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी, फिनटेक सिटी, टॉय सिटी और MSME पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट विकसित कर रहा है। इससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

अब सिर्फ प्लॉटिंग नहीं, बन रहा ग्लोबल इंडस्ट्रियल हब
उत्तर प्रदेश का यमुना एक्सप्रेस-वे इलाका अब सिर्फ जमीन की प्लॉटिंग या रियल एस्टेट तक सीमित नहीं रह गया है। यहां तेजी से एक ऐसा औद्योगिक ढांचा तैयार किया जा रहा है, जो आने वाले समय में हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इकोनॉमी और मीडिया इंडस्ट्री का बड़ा केंद्र बन सकता है।
यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने इस पूरे कॉरिडोर को एक संगठित मल्टी-सेक्टर इकोनॉमिक जोन की तरह विकसित करने की योजना बनाई है। इसी वजह से अलग-अलग तरह के उद्योगों के लिए अलग सेक्टर तय किए गए हैं, ताकि उद्योगों के बीच बेहतर तालमेल बने और एक मजबूत सप्लाई चेन तैयार हो सके।
मेडिकल डिवाइस पार्क बनेगा हेल्थ टेक्नोलॉजी का बड़ा केंद्र
यीडा की सबसे अहम परियोजनाओं में मेडिकल डिवाइस पार्क शामिल है। इसे सेक्टर-28 में करीब 350 एकड़ जमीन पर विकसित किया जा रहा है। इस पार्क का उद्देश्य भारत में मेडिकल उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देना है। इससे देश में हेल्थ टेक्नोलॉजी से जुड़े उद्योगों को नई ताकत मिलेगी और आयात पर निर्भरता भी कम हो सकती है।
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर से बढ़ेगा हाई-वैल्यू प्रोडक्शन
सेक्टर-24 में करीब 200 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तैयार किया जा रहा है। यह क्लस्टर खासतौर पर हाई-वैल्यू इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए बनाया जा रहा है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को एक ही जगह पर उत्पादन, सप्लाई और लॉजिस्टिक्स की बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाने पर भी फोकस
यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में बनने वाले प्रोजेक्ट्स का बड़ा लक्ष्य स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के मौके बढ़ाना भी है।
- सेक्टर-33 में करीब 100 एकड़ में टॉय सिटी विकसित की जा रही है
- सेक्टर-29 में 175 एकड़ में अपैरल पार्क बनाया जा रहा है
इन दोनों परियोजनाओं से बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है, खासकर उन युवाओं के लिए जो मैन्युफैक्चरिंग और टेक्सटाइल सेक्टर में काम करना चाहते हैं।
MSME पार्क से छोटे उद्योगों को मिलेगा बड़ा प्लेटफॉर्म
सेक्टर-29 में ही करीब 200 एकड़ क्षेत्र में MSME पार्क विकसित किया जा रहा है। इस पार्क का मकसद छोटे और मध्यम उद्योगों को बड़े औद्योगिक नेटवर्क से जोड़ना है। इससे MSME यूनिट्स को बड़े उद्योगों के साथ काम करने और सप्लाई चेन का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा।
फिल्म सिटी और फिनटेक सिटी से डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा
यमुना एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर में भविष्य की डिजिटल जरूरतों को देखते हुए दो बड़ी परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं।
- सेक्टर-21 में लगभग 1000 एकड़ में फिल्म सिटी बनाई जा रही है। इस परियोजना का उद्देश्य मीडिया, फिल्म निर्माण, कंटेंट प्रोडक्शन और पोस्ट-प्रोडक्शन सेवाओं का बड़ा केंद्र तैयार करना है।
- वहीं सेक्टर-11 में करीब 500 एकड़ में फिनटेक सिटी विकसित करने की योजना है। यहां डिजिटल पेमेंट, ग्लोबल ट्रांजैक्शन और आधुनिक वित्तीय सेवाओं से जुड़ी कंपनियों को काम करने का प्लेटफॉर्म मिलेगा।
जापानी, कोरियन और सिंगापुर सिटी की भी योजना
अंतरराष्ट्रीय निवेश और तकनीक को आकर्षित करने के लिए यीडा ने कुछ थीम बेस्ड सिटीज की भी योजना बनाई है।
- सेक्टर-5A में जापानी सिटी
- सेक्टर-4 में कोरियन सिटी
- सेक्टर-7 में सिंगापुर सिटी
इन शहरों के जरिए विदेशी कंपनियों, तकनीक और आधुनिक कार्य संस्कृति को इस क्षेत्र में लाने की कोशिश की जा रही है।
यमुना एक्सप्रेस-वे बन सकता है नया इंडस्ट्रियल पावरहाउस
जानकारों का मानना है कि इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यमुना एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एक बड़ा औद्योगिक और डिजिटल हब बन सकता है। मैन्युफैक्चरिंग, मीडिया, टेक्नोलॉजी और फाइनेंस से जुड़े उद्योगों के एक साथ आने से यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास का नया केंद्र बन सकता है।
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