भारतीय जनता पार्टी की सांसद और स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य ने कहा कि जिसके पास जनादेश है वह राजा है। संभव है कि मेरे पिता, अन्य नेता लोगों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। हार और जीत जनता पर निर्भर करती है। कहीं कोई कमी रह गई होगी चाहे वो पिताजी हों या पार्टी के अन्य शीर्ष नेता हों। जिसके कारण हमें ये परिणाम देखने को मिला।  

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Vidhansabha Chunav) के परिणाम 10 मार्च को सामने आ चुके है। जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत के साथ जीत हासिल की है। विधानसभा चुनाव परिणाम सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने भी जनादेश को स्वीकार कर लिया है। साथ ही विधानसभा चुनाव में हार को लेकर नेता अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है। भारतीय जनता पार्टी की सांसद और स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य ने कहा कि जिसके पास जनादेश है वह राजा है। संभव है कि मेरे पिता, अन्य नेता लोगों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। हार और जीत जनता पर निर्भर करती है। कहीं कोई कमी रह गई होगी चाहे वो पिताजी हों या पार्टी के अन्य शीर्ष नेता हों। जिसके कारण हमें ये परिणाम देखने को मिला।

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बीजेपी सांसद ने कहा कि पिताजी ने भी राजनीति में लंबा संघर्ष किया है। शुरू में हार का मुंह देखा है, हम जो संघर्ष करते यहां तक आये हैं उसमें दोनों पहलू को देखा है। हम दोनों पहलू को हृदय से स्वीकार करके और लड़कर आगे बढ़ना जानते हैं। वो क्षेत्र उनके लिए नया था, मुश्किल से 4-5 दिन ही क्षेत्र में दे पाए, नया क्षेत्र था, क्या वहां की भौगोलिक स्थिति और लोगों का मन क्या था वो पिताजी ही बेहतर बता सकते हैं।

सपा में शामिल होने पर कही ये बात
जब उनसे भाजपा छोड़कर सपा में जाने का सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पिताजी कहते हैं कि हर व्यक्ति निर्णय लेने को स्वतंत्र है जब भाजपा छोड़ी तो हमें भी स्वतंत्र कर रखा था चाहे जो फैसला लें हम। उन्होंने कुछ अच्छा सोचकर फैसला लिया होगा हर बार जरूरी नहीं हम चढ़ते ही जाएं, कई बार ब्रेक लगता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ पिताजी ही नहीं हमारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में कई लोगों को जनता ने नकारा है। परिवार के उन सदस्यों को भी कहूंगी कि हम सबको हिम्मत रखना चाहिए और डटकर लगे रहना चाहिए। डिप्टी सीएम केशव मौर्य हमारे परिवार के सदस्य, वो मुझे बेटी बोलते हैं और मैं उन्हें चाचा। उनका ट्वीट देखा होगा उन्होंने जनता के जनादेश को स्वीकारा है।

फाजिलनगर में स्वामी प्रसाद मौर्य पर हुए हमले को लेकर उन्होंने कहा कि स्थानीय कार्यकर्ताओं ने जो किया उस पर मैंने नाराजगी जताई थी और वो अब भी है, आगे भी रहेगी। भाजपा कार्यकर्ता और भाजपा पिछले 8 साल से देश प्रदेश में जो काम कर रही है उसको अगर कोई धूमिल करने लांछन लगाने का प्रयास करता है, तो नाराज़गी जाहिर है। कोई बेटा-बेटी हो उसके पिता पर हमला होगा तो वो घर में बंद नहीं रहेगा। मैं भाजपा में हूं और रहूंगी।

स्वामी प्रसाद पर हुए हमले पर बोलीं संघमित्रा मौर्य
भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य ने फाजिलनगर में स्वामी प्रसाद मौर्य पर हुए हमले को लेकर कहा मैंने कभी अपने पिता के लिए प्रचार नहीं किया, अगर मैंने किया तो मुझे सबूत दिखाओ। पिताजी के प्रचार में मैं नहीं गई थी। मैं बीजेपी पर कुछ भी आरोप नहीं लगा रही हूं। मैं पार्टी में सिर्फ उन लोगों पर आरोप लगा रही हूं जो इसे और हमारे काम को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब मैं बाहर आयी (यूपी चुनाव के दौरान पिता एसपी मौर्य के समर्थन में), तो सभी ने देखा कि मैंने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया और बेटी होने के नाते यह मेरी जिम्मेदारी थी कि मैं अपने पिता के साथ खड़ा रहूं। बता दें कि इससे पहले उन्होंने 2 मार्च को अपने पिता और सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के काफिले पर हमला करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया था।

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