वरुण गांधी ने प्रधानमंत्री के द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा का स्वागत किया है। वहीं दूसरी तरफ मोदी के पत्र लिखते हुए किसान आंदोलन में मारे गए सभी 700 किसानों के लिए एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिए जाने की भी मांग की है।

लखनऊ (उत्तर प्रदेश). भाजपा सांसद वरुण गांधी (mp varun gandhi) लगातार अपनी पार्टी पर खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं। एक तरफ तो वरुण गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (pm narendra modi) के द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा का स्वागत किया है। वहीं दूसरी तरफ वह खुलकर किसानों के समर्थन में आ गए हैं। जिसके तहत उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को शनिवार को एक पत्र लिखते हुए किसान आंदोलन में मारे गए सभी 700 किसानों के लिए एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिए जाने की भी मांग की है।

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वरुण गांधी ने ट्वीट में लिखा...
दरअसल, वरुण गांधी ने अपने ट्वीट में ल‍िखा 'तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा का मैं स्वागत करता हूं। मेरा विनम्र निवेदन है कि एमएसपी पर कानून बनाने की मांग व अन्य मुद्दों पर भी अब तत्काल निर्णय होना चाहिए, जिससे किसान भाई आंदोलन समाप्त कर ससम्मान घर लौट जाएं।'

'लखीमपुर हिंसा लोकतंत्र पर काला धब्बा'
बता दें कि वरुण गांधी ने अपने पत्र में पीएम से मांग करते हुए लिखा-लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा हृदय विदारक और लोकतंत्र पर काला धब्बा है। में इस मामले प्रधानमंत्री जी से निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं। साथ ही एक केंद्रीय मंत्री समेत इस घटना में दोषी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। 

 प्राण न्योछावर करने वालों के परिवार को मिले एक करोड़
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में वरुण गांधी ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान देश के किसानों ने भीषण वर्षा, तूफान और विपरीत मौसम का सामना करते हुए आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखा। इसके लिए किसान बधाई के पात्र हैं। लेकिन इस दौरान 700 किसान शहीद हो गए, अगर कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला सही समय पर कर लिया जाता तो उन 700 किसानों की जान बचाई जा सकती थी। जिन्होंने इस आंदोलन की राह में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। इसलिए मैं इन शहीदों के परिवारों को एक-एक करोड़ मुआवजा देने की मांग करता हूं।

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