गोरखपुर की 9 विधान सभा की बात करें तो हर गली और हर चौक पर ज्यादातर लोग कमल और साइकिल की बातें कर रहे हैं। ऐसा इसलिए है कि समय के साथ खुद को बदलते हुए भाजपा और सपा हाइटेक पार्टियां बन चुकी हैं। चुनाव प्रचार में सोशल मीडिया का दोनों पार्टियां बढ़-चढ़कर सहारा ले रही हैं। 

अनुराग पाण्डेय

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गोरखपुर: उत्तर प्रदेश का चुनाव अपने शबाब पर है। ऐसे में गोरखपुर जिले में चुनाव प्रचार की स्पीड हाई हो चुकी है। तीन मार्च को चुनाव की डेट निर्धारित है, इतने समय में ही हर प्रत्याशी को प्रत्येक वोटर के घर तक पहुंचकर अपनी बातें भी बतानी है। जिससे वोट करते समय उन बातों को ध्यान में रखकर वोटर प्रत्याशी का चयन करे। गोरखपुर की 9 विधान सभा की बात करें तो हर गली और हर चौक पर ज्यादातर लोग कमल और साइकिल की बातें कर रहे हैं। ऐसा इसलिए है कि समय के साथ खुद को बदलते हुए भाजपा और सपा हाइटेक पार्टियां बन चुकी हैं। चुनाव प्रचार में सोशल मीडिया का दोनों पार्टियां बढ़-चढ़कर सहारा ले रही हैं। जिससे घर-घर उनकी चर्चा हो रही है। जबकि कांग्रेस और बसपा की टीम आज भी पुराने ढर्रे पर ही प्रचार प्रसार करती नजर आ रही है। वहीं उनके प्रचार प्रसार में पीछे रहने की वजह से ही कई विधान सभा में बसपा और कांग्रेस से कौन कैंडिडेट है, लोग उनका नाम तक नहीं बता पा रहे हैं। 

योगी के खिलाफ केवल 12 प्रत्याशी है चुनावी मैदान में
गोरखपुर की 9 विधान सभा से नामांकन के बाद सभी प्रत्याशियों के चेहरे स्पष्ट हो चुके हैं। गोरखपुर की सभी विधानसभा से कुल 159 प्रत्याशियों ने पर्चा भरा था। जिसमें से सोमवार को 32 पर्चे निरस्त कर दिए गए। जिन प्रत्याशियों के पर्चे निरस्त हुए वे किसी बड़ी पार्टी से नहीं थे। सभी छोटे दल या फिर निर्दलीय उम्मीद्वार थे। 32 पर्चे निरस्त होने के बाद अब गोरखपुर की 9 विधान सभा से 127 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं। ये प्रत्याशी स्थिति क्लियर होने के बाद चुनाव मैदान में कूद गए हैं। वहीं सबसे अधिक प्रत्याशियों ने सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए पर्चा भरा था। ये बता दें कि सीएम के खिलाफ 22 उम्मीद्वारों ने पर्चा भरा था, जिसमें से 10 उम्मीद्वारों के पर्चे निरस्त कर दिए गए हैं। अब योगी आदित्यनाथ के खिलाफ केवल 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं। 

वर्चुअली प्रचार में बीजेपी आगे
चुनाव में रैली, जनसभा और रोड शो पर प्रतिबंध के दौरान भाजपा वर्चुअली रूप से पहले से ही तैयारी कर चुकी थी। गोरखपुर के बेनीगंज स्थित भाजपा कार्यालय में हाइटेक वार रूम बनाया गया है। इसमें कॉल सेंटर है। वहीं जनसभा व रैली के लिए स्टूडियो भी बनाया जा रहा है। एक रैली में पांच से दस लाख लोगों को जोड़ा जा सकेगा। भाजपा गोरखपुर से ही अजामगढ़, बस्ती समेत पूरे मंडल में जिलों की 62 विधानसभा सीटों पर केन्द्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को घर—घर पहुंचा रही है।

सपा के हर बुथ पर एक्टिव आईटी सेल 
सपा का आईटी सेल पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है। गोरखपुर की 9 विधानसभा के 4126 बूथ पर सपा के आईटी सेल के कार्यकर्ता एक्टिव हो गए हैं। समाजवादी पार्टी वर्चुअली रैली के लिए पूरी तरह तैयार है। गोरखपुर की 9 विधानसभा में वर्चुअली समाजवादी पार्टी की सोच और योजनाओं को बताया जा रहा है। साथ ही ट्वीटर पर भी समाजवादी पार्टी भाजपा की कमियों को गिनाते हुए अपनी उपलब्धियां बता रही है।

कांग्रेस और बसपा अभी कर रहे तैयारी
तीन मार्च को चुनाव होना है और अभी कांग्रेस और बसपा केवल वर्चुअली प्रचार प्रसार करने की तैयारी तक ही पहुंच पाए हैं। बसपा कार्यकर्ता सभी विधान सभा में घर-घर जाकर दरवाजा खटका रहे हैं, वहीं कांग्रेस भी अभी पैदल चलने पर ही विश्वास कर रही है। इस वजह से दोनों ही पार्टियां विधान सभा चुनाव में कहीं नजर नहीं आ रही हैं।

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