यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी के प्रदर्शन को लेकर समीक्षा लगातार जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीजेपी ने इसको लेकर एक 80 पेज की रिपोर्ट पीएमओ को भेजी है। इस रिपोर्ट में सहयोगी दलों को लेकर भी खुलासा किया गया है। 

लखनऊ: यूपी विधानसभा चुनाव में दोबारा सत्ता पर काबिज हुई बीजेपी ने चुनाव में अपने प्रदर्शन की समीक्षा शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री ऑफिस ने उत्तर प्रदेश बीजेपी से चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर रिपोर्ट मांगी थी। जिसके बाद यह रिपोर्ट भेज दी गई है। अखबार में छपी रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक सहयोगी दलों का लाभ पार्टी को नहीं मिला। 

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सहयोगी दलों से नहीं मिला लाभ 
रिपोर्ट में बताया गया कि सहयोगी दल निषाद पार्टी और अपना दल से बीजेपी को लाभ नहीं मिला। बीजेपी को इन गठबंदन दलों के वोटबैंक का खास हिस्सा नहीं मिल पाया। कुशवाहा, मौर्य, राजभर और सैनी वोट उम्मीद से काफी कम मिला। इसी के साथ अंबेडकरनगर, कौशांबी और गाजीपुर में खराब प्रदर्शन को लेकर भी चिंता जाहिर की। 

मिले फायदे की वजह बीएसपी
भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया कि उत्तर प्रदेश में बसपा का वोट शिफ्ट होने की वजह से ही बीजेपी को फायदा हुआ है। हालांकि एकमुश्त मुस्लिम वोट की वजह से बीजेपी कई सीटें हार गई है। इसी के साथ पोस्टल वोट में सपा के अव्वल रहने को लेकर भी चिंता जाहिर की गई है। पोस्टल वोट में सपा गठबंधन को 2.25 लाख तो बीजेपी और उसके सहयोगी दलों को तकरीबन 1.48 लाख वोट मिले हैं। 

इन वजहों से मिली जीत 
भले ही 2022 के चुनाव में भाजपा की सीटें कम हुईं हो लेकिन वह बहुमत के साथ सरकार बनाने में सफल हुई है। बताया गया कि बेहतर कानून व्यवस्था, योजनाओं का लाभार्थियों तक पहुंचना, हिन्दुत्व आदि कारण प्रमुख हैं। इसी के साथ कई अन्य बातों का जिक्र भी भेजी गई इस रिपोर्ट में किया गया है। 

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