लखनऊ (Uttar Pradesh) । पहले रहने के लिए किराए पर एक कमरा लिया। इसके बाद मकान मालिक की ही बेटी से प्यार कर बैठा। दोनों की मुलाकातें बढ़ी तो अपनी दुनिया बसाने के ख्‍वाब बुनने शुरू कर दिए। इसी लॉक डाउन के कारण दोनों के सपने पर पंख लगने लगे और वे घर भी छोड़कर भाग निकलें। वहीं, पुलिस और परिवार के भी लोग चाहकर कुछ नहीं कर पा रहे थे, जिसका लाभ उठाते हुए दोनों गाजियाबाद तक निकल पड़े। इसी दौरान पुलिस ने पैदल जाते दिखा तो रोक लिया। लॉक डाउन का हवाला देकर पूछताछ करने लगी तो हिचक के साथ खुद को भाई-बहन बताने लगे। लेकिन, शक होने पर कड़ाई की तो सच्चाई बता दिए।

यह है पूरा मामला
लखनऊ क्षेत्र के थाना मडियाव के मोहल्ला शिवनगर में लखीमपुर-खीरी के थाना खुर्रम क्षेत्र का दुर्गेंद्र सिंह किराए के मकान में रहता था। इस दौरान उसका मकान मालिक की बेटी के साथ प्रेम प्रसंग हो गया। लॉकडाउन के चलते दोनों प्रेमी-युगल फरार हो गए। युवती के पिता ने 29 मार्च को थाने में युवक के खिलाफ बेटी को भगा ले जाने का मुकदमा भी दर्ज कराया था। 

इस तरह पुलिस के चढ़े हाथ
युवक और युवती गाजियाबाद चले गए। शाम दोनों वहां से पैदल ही मुरादाबाद की ओर आ रहे थे। इस दौरान अमरोहा जिले के जोया के जिवाई चौकी इंचार्ज सुनील कुमार मलिक ने रोककर लॉकडाउन तोड़ने पर पूछताछ करने लगे। इस पर दोनों ने भाई-बहन का हवाला देते हुए वाहन न मिलने पर पैदल ही घर जाने की बात बताई।

जुबान लड़खड़ाई तो पुलिस को हुआ शक 
पुलिस को जानकारी देते हुए दोनों की जुबान लड़खड़ाने पर पुलिस को शक हो गया। इस पर पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर कोतवाली डिडौली लेकर पहुंची। यहां पूछताछ में दोनों खुद को पति और पत्‍‍‍नी बताया। इसके बाद पु‍लिस की पूछताछ में पूरे मामले से परदा उठ गया। पुलिस ने संबंधित थाने को सूचित किया। देर रात युवती के पिता व संबंधित थाने के एसआइ पीर मुहम्मद डिडौली कोतवाली पहुंचे। 
(प्रतीकात्मक फोटो)