UP Project Ganga broadband: उत्तर प्रदेश में ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत 20 लाख घरों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाने की योजना है। योगी सरकार की इस पहल से करीब एक लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं व उद्यमिता को नई रफ्तार मिलेगी।
लखनऊ: डिजिटल दौर में इंटरनेट अब सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि विकास और रोजगार का बड़ा माध्यम बन चुका है। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी पहल कर रही है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में शुरू की जा रही ‘प्रोजेक्ट गंगा’ योजना के तहत आने वाले कुछ वर्षों में लाखों घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस परियोजना के लिए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन और Hinduja Group की सहायक कंपनी OneOTT Entertainment Limited के बीच एमओयू साइन किया गया है। सरकार का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी तैयार होंगे।
20 लाख घरों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट
‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत अगले 2 से 3 वर्षों में प्रदेश के करीब 20 लाख घरों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाने की योजना है। अनुमान है कि इससे लगभग एक करोड़ लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
इसके साथ ही न्याय पंचायत स्तर पर 8,000 से 10,000 स्थानीय युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में तैयार किया जाएगा। खास बात यह है कि इस योजना में महिलाओं की लगभग 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
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गांवों में खुलेंगे रोजगार के नए अवसर
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री Suresh Kumar Khanna ने कहा कि यह पहल राज्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करने में अहम भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में तकनीक के क्षेत्र में भारत और खासतौर पर उत्तर प्रदेश में काफी बदलाव आया है। अब सबसे बड़ी जरूरत अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने की है और अगर रोजगार तकनीक के माध्यम से मिलता है तो वह ज्यादा स्थायी और प्रभावी होता है।
युवाओं को मिलेगा तकनीक आधारित रोजगार
सरकार का मानना है कि गांवों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचने से ऑनलाइन बिजनेस, डिजिटल सेवाएं, ई-कॉमर्स, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में तेजी आएगी। इससे ग्रामीण युवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कमाई के नए रास्ते मिलेंगे।
सरकार युवाओं को डिजिटल उद्यमिता से जोड़ने के लिए आर्थिक मदद भी दे रही है। जनवरी 2024 में शुरू की गई योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का लोन बिना ब्याज और बिना गारंटी के दिया जा रहा है। अब तक एक लाख से ज्यादा लोग इसका लाभ ले चुके हैं।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से बदलेगी विकास की दिशा
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ Manoj Kumar Singh ने कहा कि आज के समय में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्व कई मामलों में भौतिक एक्सप्रेसवे से भी ज्यादा हो गया है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से डिजिटल डिवाइड को कम करने में मदद मिलेगी और गांवों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, ओटीटी सेवाएं और हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंच सकेगा। इससे यूट्यूब, डिजिटल कंटेंट, ऑनलाइन बिजनेस और अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को आय के नए अवसर मिलेंगे।
सीमावर्ती जिलों को मिलेगा खास फायदा
इस पहल से खासतौर पर श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर जैसे सीमावर्ती जिलों में डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। वहां के लोगों को ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ई-कॉमर्स और डिजिटल स्किलिंग जैसी सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
एक लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य
Winsley Fernandes ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का उद्देश्य सिर्फ इंटरनेट पहुंचाना नहीं, बल्कि युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाना भी है। इस योजना के जरिए प्रदेश में करीब एक लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं Satyaprakash Singh ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से दूर-दराज और अब तक इंटरनेट से वंचित क्षेत्रों तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और तकनीक आधारित रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
कुल मिलाकर, ‘प्रोजेक्ट गंगा’ को उत्तर प्रदेश में डिजिटल सशक्तिकरण और रोजगार सृजन की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में गांवों की तस्वीर बदल सकती है।
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