बसपा प्रमुख मायावती ने राजस्थान में पार्टी की कार्यकारिणी भंग कर दी है। उन्होंने यह कदम राजस्थाना में बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने और पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट की घटना के बाद उठाया। 

लखनऊ (Uttar Pradesh). बसपा प्रमुख मायावती ने राजस्थान में पार्टी की कार्यकारिणी भंग कर दी है। उन्होंने यह कदम राजस्थाना में बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने और पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट की घटना के बाद उठाया।

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बसपा नेता ने कही ये बात
बसपा के राजस्थान प्रदेश प्रभारी भगवान सिंह बाबा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया, राजस्थान में पार्टी की संपूर्ण कार्यकारिणी भंग कर दी गई है। यह कदम पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के निर्देश पर उठाया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक रामजी गौतम एवं राज्यसभा के पूर्व सदस्य मुनकाद अली को प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है।

जब आपात बैठक में चलने लगे लात घूंसे
विधायकाें के कांग्रेस में शामिल हाेने के बाद इसपर मंथन और कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए बसपा की आपात बैठक बुलाई गई थी। जिसमें जमकर हंगामा हुआ था। पहले ताे हाथापाई बाद में देखते ही देखते लात-घूंसे चलने लगे। बसपा के नेशनल काेर्डिनेटर रामजी गौतम, हरि सिंह, विजय प्रताप और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष भगवान सिंह बाबा से भी हाथापाई की गई। सिर में चाेट लगने से कार्यकर्ता प्रेम बारूपाल घायल हाे गए। बैठक बिना किसी नतीजे के खत्म हाे गई। 

इन कांग्रेस विधायकों ने ली कांग्रेस की सदस्यता
बसपा के जो 6 विधायक कांग्रेस में शामिल हुए उनमें उदयपुरवाटी राजेंद्र गुढा (झुंझुनूं), वाजिब अली (नगर भरतपुर), जाेगिंदर अवाना (नदबई, भरतपुर), संदीप यादव (तिजारा, अलवर), दीपचंद खेरिया (किशनगढ़ बास, अलवर), लाखन सिंह (कराैली) का नाम शामिल है। 

2009 में भी कांग्रेस में चले गए थे 6 बसपा विधायक
इससे पहले भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2009 में इसी तरह बसपा के छह विधायकों को पार्टी में शामिल किया था। इनमें राजकुमार शर्मा (नवलगढ़), राममेश मीणा (गंगापुर सिटी), रमेश मीणा (सपाेटरा), गिर्राज सिंह मंलिगा (बाड़ी), राजेंद्र गुढा (उदयपुरवाटी) और मुरारीलाल मीणा (दाैसा) का नाम शामिल है।