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फर्जी पासपोर्ट मामला: माफिया अबू सलेम को सुनाई गई 3 साल कैद की सजा

सीबीआई की कोर्ट ने अबू सलेम को तीन साल की साज सुनाई है। यह सजा फर्जी पासपोर्ट के मामले में सुनाई गई है। अबू सलेम के साथ ही उसके साथी परवेज आलम को भी इस मामले में 3 साल की सजा हुई है। 

CBI court booked Abu Salem three years in fake passport case
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First Published Sep 27, 2022, 6:35 PM IST

लखनऊ: मुंबई बम ब्लास्ट केस में आजीवन सजा काट रहे माफिया डॉन अबू सलेम को लखनऊ की सीबीआई कोर्ट ने तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई है। यह सजा फर्जी पासपोर्ट मामले में सुनाई गई है। अबू सलेम के साथ ही उसके सहयोगी परवेज को भी इस मामले में सजा दी गई है। 

लखनऊ सीबीआई कोर्ट ने सुनाई सजा 
गौरतलब है कि मुंबई में 1993 में सीरियल बम ब्लास्ट का मामला सामने आया था। इस मामले में फरार अबू सलेम को अक्टूबर 2020 में पुर्तगाल से गिरफ्तार किया गया था। यूपी के आजमगढ़ के संजरपुर के रहने वाले अबू सलेम को नवंबर में भारत प्रत्यर्पित किया गया था। उसके बाद से वह मुंबई जेल में ही है। ज्ञात हो कि पुर्तगाल से प्रत्यार्पण की शर्त के मुताबिक 25 साल के बाद जेल से रिहा किया जाना था। हालांकि इससे पहले ही फर्जी पासपोर्ट मामले में लखनऊ सीबीआई कोर्ट ने उसे 3 साल कैद की सजा सुना दी है। आपको बता दें कि अबू सलेम को उसके साथ परवेज आलम के साथ में 13 सितंबर को लखनऊ की सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया था। इस बीच नवी मुंबई की तलोजा जेल से महाराष्ट्र पुलिस की कड़ी सुरक्षा में उसे यहां लाया गया था। इसी के साथ फर्जी पासपोर्ट मामले में बहस हुई थी। बहस के बाद निर्णय के लिए 27 सितंबर की तारीख तय की गई थी। 

आजमगढ़ से बनवाया गया था फर्जी पासपोर्ट
तय तारीख के अनुसार कोर्ट ने 27 सितंबर को अबू सलेम और उसके साथी परवेज आलम को फर्जी पासपोर्ट के मामले में 3-3 साल कैद की सजा सुनाई है। अबू सलेम के द्वारा अपना और अपनी पत्नी समीरा जुमानी का पासपोर्ट फर्जी दस्तावेज औऱ नाम के आधार पर 1993 में बनवाया गया था। यह पासपोर्ट परवेज आलम के माध्यम से बनवाया गया था। इसके लिए 29 जून 1993 में आजमगढ़ से आवेदन किया गया था। 

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