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मिड-डे-मील में बच्चों ने नमक-रोटी खाने का किया खुलासा, खंड शिक्षा अधिकारी ने लिया बड़ा एक्शन

यूपी के सोनभद्र जिले में बच्चों को मिड-डे-मील में नमक रोटी खिलाने पर खंड शिक्षा अधिकारी मामले की जांच करने स्कूल पहुंच गए। जिसके बाद उनके द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर स्कूल के प्रधानाध्यापक को सस्पेंड कर दिया गया है। 

Children exposed to eating salt and bread in mid day meal Block Education Officer took big action
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First Published Aug 25, 2022, 6:32 PM IST

सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के एक स्कूल में बच्चों को मिड-डे-मील में नमक और रोटी खाने को दी जा रही थी। अब इस मामले में अधिकारियों ने एक्शन लेते हुए स्कूल के प्रधानाध्यापक को सस्पेंड कर दिया है और तीन सहायक अध्यापकों को नोटिस थमा दिया है। प्रधानाचार्य ने बताया था कि खाना ग्राम प्रधान की ओर से बनवाया जा रहा था। जिसके बाद ग्राम प्रधान पर भी कार्यवाही करने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि 22 अगस्त को दोपहर में बच्चों को खाने में नमस रोटी दी गई थी। जिसकी शिकायत मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी मामले की जांच करने स्कूल पहुंचे थे।

बच्चों को मिड-डे-मील में दिया नमक रोटी
वायरल वीडियो में साफतौर पर देखा जा सकता है वीडियो में बच्चों से पूछा जाता है कि कल आप सब को खाने में क्या मिला था तो सभी बच्चों ने एक स्वर में नमक रोटी बोलते हैं। जिसके बाद मामले पर कार्यवाही करते हुए प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच करने के बाद ग्राम प्रधान, प्रधानाध्यापक, शिक्षकों, रसोइयों और अभिभवकों के भी बयान दर्ज किए गए हैं। स्कूल में चार गैस सिलिंडर हैं लेकिन उन्हें किसी कारण से नहीं भरवाया गया था। जबकि एक सिलिंडर में थोड़ी ही गैस थी। 

प्रधानाध्यापक को किया गया सस्पेंड
खंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने अपनी जांच रिपोर्ट में ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक में सामंजस्य न होने का जिक्र किया है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर बीएसए हरिवंश ने कुमार ने कंपोजिट विद्यालय गुरेठ के प्रधानाध्यापक रुद्र प्रसाद को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए सस्पेंड कर दिया है। इसी के साथ ही स्कूल के तीन सहायक शिक्षकों को नोटिस थमाते हुए स्वयं के खिलाफ कार्यवाही न करने के संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। आरोप है कि सहायक अध्यापक स्कूल में उपस्थित थे लेकिन इसके बाद भी उन्होंने मिड-डे-मील में बच्चों को दिए जा रहे खाने पर ध्यान नहीं दिया। इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी बीईओ महेंद्र मौर्य को सौंपी गई है।

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