कानून के जानकारों का कहना है कि एसआईटी इलाहाबाद हाईकोर्ट की निगरानी में काम कर रही है। वह अपनी रिपोर्ट 23 सितंबर को हाईकोर्ट में जमा कर सकती है। इसके बाद ही स्वामी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

शाहजहांपुर (Uttar Pradesh). पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बुधवार शाम शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एमपी. गंगवार ने बताया, चिन्मयानंद की हालत खराब होने पर उन्हें अस्पताल लाया गया। उन्हें बेचैनी और कमजोरी के अलावा दस्त की समस्या है। वहीं, स्वामी पर आरोप लगाने वाली पीड़ित छात्रा ने आत्महत्या करने की धमकी दी है। 

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बुधवार को परिवार के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंची छात्रा ने कहा, अगर चिन्मयानंद की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वो आत्महत्या कर लेगी। यही नहीं, उसने एसआईटी की जांच पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रा का कहना है कि 164 के ब्यान दर्ज होने के 24 घंटे बाद भी चिन्मयानंद अभी तक खुलेआम घूम रहा है। बच्चों की तरह बीमारी का बहाना बनाकर जेल जाने से बचना चाहता है। जैसे बच्चों को जब स्कूल नहीं जाना होता है तो वो बीमारी का बहाना बना लेते हैं। जांच टीम इसको लेकर कुछ बता भी नहीं रही।

कानून के जानकारों ने बताया, क्यों नहीं हुई चिन्मयानंद की गिरफ्तारी?
वहीं, कानून के जानकारों का कहना है कि एसआईटी इलाहाबाद हाईकोर्ट की निगरानी में काम कर रही है। वह अपनी रिपोर्ट 23 सितंबर को हाईकोर्ट में जमा कर सकती है। इसके बाद ही स्वामी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, सोमवार देर शाम एसआईटी मुमुक्षु आश्रम गई थी, लेकिन चिन्मयानंद की तबीयत खराब होने की वजह से बिना किसी कार्रवाई के वापस लौट गई। बता दें, जांच टीम ने पहले ही चिन्मयानंद के शहर से बाहर जाने पर रोक लगा दी है। 

क्या है पूरा मामला
शाहजहांपुर के स्वामी सुखदेवानंद विधि महाविद्यालय में एलएलएम करने वाली एक छात्रा ने 24 अगस्त को एक वीडियो वायरल करके चिन्मयानंद पर आरोप लगाया था। उसने कहा था, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने उसके अलावा कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर दी है। उसे और उसके परिवार को इस संन्यासी से जान का खतरा है। वीडियो वायरल होने के बाद छात्रा अचानक लापता हो गई थी। जिसके बाद छात्रा के परिवार की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री पर अपहरण का केस दर्ज किया था। कुछ दिन बाद पुलिस ने छात्रा को राजस्थान से बरामद किया। घटना का संज्ञान सुप्रीम कोर्ट ने लिया, जहां सुनवाई के बाद एसआईटी जांच के आदेश दिए गए। छात्रा ने कहा था कि चिन्मयानंद ने एक साल तक उसका यौन शोषण किया।