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राज्यमंत्रियों के साथ बैठक में सीएम योगी ने किया सवाल- किस-किस को नहीं मिला है काम, मिला ये जवाब

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्यमंत्रियों से कामकाज को लेकर बैठक की। इस दौरान सीएम ने सवाल किया कि किस-किसी को काम नहीं मिला है। इस पर राज्यमंत्रियों ने कहा कि सभी को काम मिल चुका है। 

cm yogi adityanath asked minister of state about work meeting in lucknow
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First Published Sep 29, 2022, 8:59 AM IST

लखनऊ: राज्यमंत्रियों के साथ बुधवार को सीएम योगी ने बैठक की। इस बैठक में सीएम ने सबसे पहला सवाल पूछा कि किस-किस को काम नहीं मिला है। इस पर सभी राज्यमंत्रियों ने एक स्वर में जवाब दिया कि उन्हें काम मिल गया है। करीब एक घंटे तक हुई इस बैठक में सभी राज्यमंत्री अपने कैबिनेट मंत्री और विभागीय अफसरों से पूरी तरह से संतुष्ट नजर आए।

बैठक में नजर आया सीएम के आदेश का असर

आपको बता दें कि जून में जलशक्ति विभाग के राज्यमंत्री दिनेश खटिक ने विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाया था। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों से भी असंतोष जाहिर किया था और दलित की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए राज्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद लखनऊ से लेकर दिल्ली तक हलचल मच गई थी। इसी के साथ अन्य राज्यमंत्रियों ने भी काम आवंटित न होने की शिकायत की थी। मामले में मुख्यमंत्री ने दखल देकर स्थिति को न सिर्फ नियंत्रित किया था बल्कि सभी कैबिनेट मंत्रियों ने को राज्यमंत्रियों को काम आवंटित करने का भी निर्देश दिया था। सीएम की ओर से जो निर्देश दिए गए थे उसका असर बुधवार को हुई बैठक में नजर आया। 

राज्यमंत्रियों से कहा जारी रखें जनपदों का दौरा

दिनेश खटिक के प्रकरण के बाद पहली बार सीएम योगी ने राज्यमंत्रियों के साथ में बैठक की थी। बैठक में सीएम ने कहा कि राज्यमंत्री जिस तरह से जनपदों का दौरा कर रहे हैं उसे आगे भी जारी रखे। जनता के बीच में इसको लेकर अच्छा संदेश जा रहा है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि राज्यमंत्री जिले के विभागीय कामकाज की भी समीक्षा करें। निकाय चुनाव को लेकर वह संगठनात्मक कार्यक्रमों में भी शामिल हो। सीएम ने राज्यमंत्रियों से निजी सहायकों और सहयोगियों पर नजर रखने के लिए भी कहा। कहा कि निजी सचिव को भी स्पष्ट कर दें कि वह किसी भी व्यक्ति से मोबाइल पर कामकाज को लेकर बात न करे। किसी भी दूसरी मंत्री के निजी सचिव या सहयोगी से भी कामकाज को लेकर वह कोई बात न करे। सोशल मीडिया के जरिए कामकाज का प्रचार-प्रसार किया जाए। 

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