झांसी में आयोजित BVS स्टार्टअप एक्सपो 2026 में 18 स्टार्टअप्स ने 28 निवेशकों के सामने अपने बिजनेस मॉडल पेश किए। IIT कानपुर नॉलेज पार्टनर रहा। झांसी स्मार्ट सिटी और राइज इन्क्यूबेशन सेंटर के सहयोग से बुंदेलखंड स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहा है।

लखनऊ/झांसी। पारंपरिक रूप से कृषि और सीमित उद्योगों के लिए पहचाने जाने वाले बुंदेलखंड में अब नवाचार और उद्यमिता की नई लहर दिखाई दे रही है। झांसी के अर्बन हाट में आयोजित दो दिवसीय BVS स्टार्टअप एक्सपो-2026 ने इस बदलाव को खुलकर सामने रखा। इस आयोजन ने संकेत दिया कि क्षेत्र अब स्टार्टअप और निवेश गतिविधियों के उभरते केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

स्टार्टअप स्टॉल्स पर दिखा उत्साह और विविधता

एक्सपो के पहले दिन अलग-अलग सेक्टर से जुड़े स्टार्टअप्स ने अपने स्टॉल लगाए। इनमें शिक्षा तकनीक (EdTech), हेल्थ-टेक, सोलर एनर्जी, डिजिटल सेवाएं, ई-लाइब्रेरी, सिक्योरिटी सॉल्यूशंस, एग्री-इनोवेशन और ट्रैवल सेक्टर से जुड़े प्रोडक्ट और सेवाएं शामिल रहीं। स्टॉल्स पर छात्रों, उद्योग प्रतिनिधियों और संभावित ग्राहकों की अच्छी उपस्थिति देखी गई। इस आयोजन में आईआईटी कानपुर नॉलेज पार्टनर के रूप में जुड़ा रहा। विशेषज्ञों ने स्टार्टअप्स को तकनीकी मजबूती, स्केलेबिलिटी, निवेश आकर्षण और प्रोडक्ट-मार्केट फिट जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया। इसे क्षेत्रीय स्टार्टअप्स के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग माना जा रहा है।

इन्वेस्टर कनेक्ट: 18 स्टार्टअप्स ने रखे अपने बिजनेस मॉडल

दूसरे दिन आयोजित “पिच सर्कल/इन्वेस्टर कनेक्ट” सत्र कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। राइज इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़े 18 स्टार्टअप्स ने देश के विभिन्न शहरों से आए 28 निवेशकों के सामने अपने बिजनेस मॉडल पेश किए। इन स्टार्टअप्स ने शिक्षा तकनीक, हेल्थ-टेक, सोलर ऊर्जा, डिजिटल सॉल्यूशंस और एग्री-टेक जैसे क्षेत्रों में विस्तार योजनाएं और निवेश जरूरतें साझा कीं।

Edutrack बना चर्चा का केंद्र

इन प्रस्तुतियों में एजुट्रैक स्टार्टअप खास चर्चा में रहा। इसने स्कूलों के लिए एआई बेस्ड डिजिटल सॉल्यूशंस पेश किए। इसके तहत AI टीचर सिस्टम, छात्र लोकेशन ट्रैकिंग और स्कूल ऑपरेशंस मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म जैसे फीचर्स शामिल हैं। निवेशकों ने इसकी स्केलेबिलिटी और बाजार विस्तार की संभावनाओं में रुचि दिखाई। इसके अलावा कई अन्य स्टार्टअप्स को भी आगे की निवेश प्रक्रिया के लिए सकारात्मक संकेत मिले हैं।

बदलती सोच से उभरता बुंदेलखंड स्टार्टअप हब

विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन केवल एक इवेंट नहीं, बल्कि क्षेत्र की बदलती मानसिकता का प्रतीक है। प्रशासनिक सहयोग, तकनीकी मार्गदर्शन और निवेशकों के साथ सीधा संवाद झांसी को एक उभरते स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित कर रहा है। BVS स्टार्टअप एक्सपो–2026 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बुंदेलखंड अब संभावनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठित और संरचित उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

झांसी स्मार्ट सिटी का समर्थन और भविष्य की योजना

झांसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड की सीईओ एवं नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने कहा कि इस एक्सपो का उद्देश्य केवल प्रदर्शनी लगाना नहीं था, बल्कि युवाओं को निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और मेंटर्स से सीधे जोड़ना था। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्टार्टअप्स ने जिस आत्मविश्वास के साथ अपने विचार प्रस्तुत किए, वह क्षेत्र की क्षमता को दर्शाता है। स्मार्ट सिटी और नगर प्रशासन की प्राथमिकता है कि नवाचार आधारित उद्यमिता को संस्थागत समर्थन दिया जाए।

देश के अलग-अलग शहरों से निवेश की भागीदारी

राइज इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से स्टार्टअप्स को केवल कार्यस्थल ही नहीं, बल्कि मेंटरशिप, नेटवर्किंग और निवेश संवाद के अवसर भी दिए जा रहे हैं। देश के अलग-अलग शहरों से निवेशकों की भागीदारी यह दिखाती है कि बुंदेलखंड अब राष्ट्रीय स्टार्टअप मानचित्र पर अपनी जगह बना रहा है। भविष्य में ऐसे आयोजन नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि झांसी को एक मजबूत स्टार्टअप हब के रूप में विकसित किया जा सके और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर तैयार हों।