सीएम ने किसानों को भरोसा दिया कि सरकार शीघ्र ही अन्य पीड़ित किसानों के फसलों को हुए नुकसान का आंकलन कर उसका मुआवजा उनके घर तक पहुंचाएगी। अचानक यहां पहुंचे मुख्यमंत्री करीब आधे घंटे तक रहे और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि वे तत्काल क्षति का आंकलन कर सरकार को रिपोर्ट भेजे और मुआवजे की धनराशि पीड़ितों को मुहैया कराएं। बता दें कि उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली, पेड़ और दीवार गिरने से  अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं गेहूं, चना, आलू, मटर और मसूर की 60 फीसदी फसलें खेतों में ही बर्बाद हो गईं। 

जौनपुर (Uttar Pradesh)। बे मौसम बारिश और ओले गिरने से हुए भारी नुकसान की भरपाई का योगी सरकार ने न सिर्फ ऐलान किया बल्कि मदद राशि देनी भी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अचानक आपदा पीड़ित परिवारों को राहत राशि का चेक देने जौनपुर पहुंचे। गुरुवार की रात आंधी और बारिश के दौरान तीन मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का चेक सौंपा। वहीं फसलों की क्षति के लिए 51 किसानों को मुआवजा राशि का चेक प्रदान किया। इस बर्बाद हुई फसल को देखने खेत के किनारे पहुंचे और किसानों से जानकारी हासिल की। बता दें कि प्रदेश में आकाशीय बिजली, पेड़ और दीवार गिरने से अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं गेहूं, चना, आलू, मटर और मसूर की 60 फीसदी फसलें खेतों में ही बर्बाद हो गईं। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

सीएम ने दिलाया ये भरोसा
जौनपुर जिले के करंजाकला ब्लॉक परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों से संवेदना जताते हुए कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने फसलों के नुकसान पर अफसोस जताते हुए 57 किसानों में भी कुल तीन लाख रुपये का चेक वितरित किया। 

सीएम ने कही ये बातें
सीएम ने कहा कि इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं कि जाएगी। उन्होंने वर्ष 2016 में आये हुद-हुद तूफान का जिक्र करते हुए कहा कि पहले क्षतिपूर्ति पाने में किसानों को वर्षों लग जाते थे, लेकिन अब एक सप्ताह में किसानों को मदद दी जा रही है।

घर-घर मुआवजा पहुंचाएगी सरकार
सीएम ने किसानों को भरोसा दिया कि सरकार शीघ्र ही अन्य पीड़ित किसानों के फसलों को हुए नुकसान का आंकलन कर उसका मुआवजा उनके घर तक पहुंचाएगी। अचानक यहां पहुंचे मुख्यमंत्री करीब आधे घंटे तक रहे और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि वे तत्काल क्षति का आंकलन कर सरकार को रिपोर्ट भेजे और मुआवजे की धनराशि पीड़ितों को मुहैया कराएं।