सीएम योगी आदित्यनाथ ने बाघ दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि चित्रकूट के रानीपुर में प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व बनाने का निर्णय हो चुका है। जल्द ही यह अस्तित्व में आएगा। 

गोरखपुर: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार बाघ के संरक्षण को लेकर संवेदनशील है। बाघ संरक्षण के सिलसिले को लगातार बढ़ाया जा रहा है और इसी कड़ी में चित्रकूट के रानीपुर में प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व बनाने का निर्णय लिया जा चुका है। जल्द ही यह अस्तित्व में आने वाला है। 

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वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े सीएम योगी 
आपको बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में प्रदेश सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से आयोजित अंतर सीमावर्ती सहयोग कार्यशाला में पहुंचे थे। बाघ संरक्षण के विषय पर आयोजित कार्यशाला में सीएम लखनऊ से वर्चुअल माध्यम से जुड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि वेदों औऱ प्राचीन ग्रंथों में भी बाघ का वर्णन मिलता है। सीएम योगी ने बताया कि देश में 1973 में बाघ को राष्ट्रीय पशु घोषित करते हुए सेव टाइगर प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। यह पीएम मोदी का सफल नेतृत्व ही था जो भारत ने निर्धारित लक्ष्य को समय से पहले 2018 में प्राप्त कर लिया। 

'वन और बाघ एक दूसरे के नैसर्गिक संरक्षक'
सीएम योगी ने कहा कि यूपी में बाघों की संख्या 2006 में महज 106 थी जो कि 2018 में बढ़कर 173 हो गई। जब बाघों की नई गणना के परिणाम आएंगे तो यह 200 के पास होने का अनुमान है। इस बीच सीएम ने रानीपुर में टाइगर रिजर्व को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने गोरखपुर चिड़ियाघर के बारे में जिक्र करते हुए बताया कि गोरखपुर प्राणी उद्यान में तो सफेद बाघ आया है। गोरखपुरवासियों को उसके संरक्षण का मौका मिला है। वन और बाघ एक दूसरे के नैसर्गिक संरक्षक हैं। बाघों के बिना वन का अस्तित्व संभव नहीं है और बिना वन के बाघ नहीं रह सकते हैं। वन की रक्षा बाघ करते हैं और उसके बदले बाघ वन की रक्षा करते हैं। 

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