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सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या पर फैसला: पुलिस आफिस में बैठ कर सुरक्षा का जायजा लेते रहे सीएम योगी

फैसले से एक दिन पूर्व ही सभी जिलों के डीएम व एसपी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीएम ने खुद बात की थी। इस दौरान उन्हें अयोध्या मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के ख़ास इंतजाम करने  निर्देश दिए गए थे

cm yogi sat in police office and took arrangement of security in up at ayodhya verdict
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Lucknow, First Published Nov 10, 2019, 10:10 AM IST
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लखनऊ(Uttar Pradesh ). देश के सबसे बड़े  मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। शनिवार को कोर्ट द्वारा सालों से चल रहे इस मामले का फैसला कर दिया गया। फैसले से पहले किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए सूबे की योगी  सरकार ने पूरी तरह कमर कस ली थी। फैसले से एक दिन पूर्व ही सभी जिलों के डीएम व एसपी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीएम ने खुद बात की थी। इस दौरान उन्हें अयोध्या मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के ख़ास इंतजाम करने  निर्देश दिए गए थे। देश भर में इस बात की आशंका थी फैसले के बाद शरारती तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। लेकिन योगी सरकार द्वारा सुरक्षा को लेकर की गई व्यूह रचना पूरी तरह सफल रही। प्रदेशवासियों ने भी आपसी सौहार्द व भाईचारा कायम रखा। 

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले की रोज सुनवाई कर मामले को 40 दिन में निबटाने का फैसला लिया था। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों ने लगातार 40 दिन तक अपनी दलीलें पेश किया। दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने व तमाम साक्ष्यों पर गौर करने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था। जिस पर शनिवार की सुबह साढ़े दस बजे देश के इस सबसे बड़े मुकदमे में फैसला सुनाया गया। जिस में कोर्ट ने ये माना कि विवादित परिसर ही रामलला का जन्मस्थान है। इसलिए वहां ट्रस्ट बनाकर सरकार को मंदिर बनाने का आदेश दिया जबकि मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में ही 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया। 

डायल 112 के आफिस में बैठे रहे सीएम योगी 
अयोध्या मामले पर फैसले से पहले ही प्रदेश के सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। सीएम योगी आदित्यनाथ खुद डायल 112 के दफ्तर में बैठकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे थे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों को संवेदनशील घोषित किया गया था जहां सुरक्षा के ख़ास प्रबंध किए गए थे। सीएम योगी और डीजीपी ओपी सिंह द्वारा सुरक्षा को लेकर बनाया गया मास्टर प्लान पूरी तरह कारगर साबित हुआ। 

सीएम योगी ने जताया आभार 
फैसले के बाद पूरे प्रदेश में अमन-चैन और आपसी भाईचारा देखने को मिला। कई स्थानों पर हिन्दू और मुसलमानों की एक दूसरे को मिठाई खिलाते फोटो भी सोशल मीडिया में वायरल हुई। सीएम योगी ने पूरे प्रदेश के लोगों का इसके लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह पूरे प्रदेश में भाईचारा और आपसी सौहार्द देखने को मिला वो एक मिशाल है। इसके लिए सभी धर्मों के लोग बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा भारत के प्रति प्रेम रखने वाले लोगों ने इस फैसले को मुक्त मन से स्वीकार किया है जो बेहद प्रशंसनीय है। 136 करोड़ लोगों आज भारत की एकता और अखंडता को कायम रखने का काम किया है वो अद्वितीय है। 

मुख्यमंत्री बनने के पहले भगवान राम के वनवास की तरह थी अयोध्या 
सीएम योगी ने कहा कि जब मै मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार अयोध्या गया था तो मुझे अयोध्या उपेक्षा की शिकार दिखी थी। उस समय अयोध्या वैसी ही दिखती थी जैसे भगवान राम का वनवास। लेकिन ढाई सालों में अयोध्या में विकास के कार्य हुए हैं दीपोत्सव से अयोध्या का नाम गिनीज बुक में दर्ज हुआ है। यह अत्यंत खुशी की बात है। 

डीजीपी ने प्रदेश वासियों के प्रति जताया आभार 
सूबे के डीजीपी ओपी सिंह ने अयोध्या फैसले के बाद प्रदेश के माहौल पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि आज वास्तव में प्रदेश के लोगों ने आपसी भाई चारे की मिशाल कायम की है। उन्होंने ट्वीट करके लिखा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद सभी ने जिस अनुकरणीय सौहार्द, सम्मान और सहयोग का परिचय दिया है हम उसके लिए आभारी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में शान्ति-व्यवस्था पूरी तरह से बनी रही। हम आपकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने प्रदेश के लोगों से ऐसे ही भाईचारा और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। 

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