14 फरवरी 1981 को दस्यु सुंदरी फूलन देवी ने डकैतों के साथ मिलकर 26 लोगों को गोलियों से भून दिया था, जिसमें 20 लोगों मौत हो गई थी। इस मामले में माती जिला कोर्ट में सुनवाई चल रही है। 

लखनऊ(Uttar Pradesh)। कानपुर देहात जिले के बेहमई गांव में 39 साल पहले हुए नरसंहार मामले में आज फैसला आ सकता है। बता दें कि 14 फरवरी 1981 को दस्यु सुंदरी फूलन देवी ने डकैतों के साथ मिलकर 26 लोगों को गोलियों से भून दिया था, जिसमें 20 लोगों मौत हो गई थी। इस मामले में माती जिला कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

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16 आरोपियों की हो चुकी है मौत
फूलन देवी, जालौन के कोटा कुठौंद के राम औतार, गुलौली कालपी के मुस्तकीम, महदेवा कालपी के बलराम, टिकरी के मोती, चुर्खी के वृंदावन, कदौली के राम प्रकाश, गौहानी सिकंदरा के रामपाल, बिरही कालपी के लल्लू बघेल व बलवान, कालपी के लल्लू यादव, कोंच के रामशंकर, डकोर कालपी के जग्गन उर्फ जागेश्वर, मेतीपुर कुठौद के प्रेम, धरिया मंगलपुर के नंदा उर्फ माया मल्लाह व राम सिंह की मौत हो चुकी है।

इस समय यह है स्थिति
बेहमई नरसंहार मामले में 2012 में ट्रायल शुरू हुआ था। 23 आरोपियों में से फूलन देवी समेत 16 की मौत हो चुकी है। तीन आरोपित भीखा, विश्वनाथ और श्यामबाबू जमानत पर बाहर हैं, जबकि पोसा जेल में बंद हैं। वहीं, जालौन जिले के तीन आरोपी मान सिंह, रामकेश व विश्वनाथ उर्फ अशोक फरार चल रहे हैं।

(फाइल फोटो)