उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में आज बुलडोजरक बार फिर से चर्चा में है।  जिला प्रशासन का बुलडोजर आज फिर सिविल लाइन के पॉश इलाके में चला है। जहां पर अवैध भवन को ध्वस्त कर दिया है।

एटा :उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में आज बुलडोजर विवादों में घिर गया। जिला प्रशासन का बुलडोजर आज फिर सिविल लाइन के पॉश इलाके में चला है. इस बार ये बुल्डोजर किसी माफ़िया ,अपराधी या अवैध रूप से कब्जा की गई जमीन पर नहीं बल्कि 1983 मे खरीदी गई जमीन पर स्थित भवन में चला है। इसके बगले में बहुत पुरानी बाबा मुल्लेसाह की दरगाह पर भी बाबा बुलडोज़र चला है। जिसके बाद लोगों के अंदर प्रशासन को लेकर गुस्सा साफ तौर पर नज़र आया।

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ध्वस्त किया गया था मकान
इससे पहले एटा जनपद की सबसे पॉश कॉलोनी सिविल लाइन में बुलडोजर चलाया गया था और उस समय बलबीर सिंह यादव के भवन को यह कहकर ध्वस्त करवा दिया गया था कि ये नगर पालिका की जमीन पर बना है। इसका भी नक्शा पास था और सभी राजस्व अधिकारियों की उसमें संहमति थी कि ये जमीन सरकारी या कब्जा की हुई नहीं है। 

पूर्व में जिला अधिकारी के ड्राइवर रहे प्रेम पाल की ज़मीन पर चला बुलडोज़र
बता दें कि योगी बाबा का साफ तौर पर कहना है कि कोई ई अवैध प्रॉपर्टी को बख्शा नहीं जायेगी फिर वो चाहे किसी की भी हो। ऐसी देखने को मिला है। पूर्व में जिला अधिकारी के ड्राइवर रहे प्रेम पाल सिंह के मकान को बुलडोजर से अचानक ध्वस्त कर दिया गया है। साथ ही प्रेम पाल सिंह के मकान के बगल में बनी पुरानी बाबा मुल्लेशाह की दरगाह को भी बिना किसी न्यायिक प्रक्रिया का पालन किए हुए ध्वस्त कर दिया गया। जिसके बाद लोगों में काफी ज़्यादा गुस्सा देखने को मिला है।

कार्ट में चल रहा है मामला
इस पूरे मामले में सोनू ने बताया कि 'इस जमीन का बैनामा 1983 माधव सिंह से कराया और 1985 में इसका नक्शा पास कराया था। ये जमींदारी का नंबर है जो नॉन जेड ए का है. सरकारी फाइलों में इसका रिकॉर्ड नहीं है. यहाँ जो भी सरकारी भवन बने हैं ये जमीदार की जमीन थी. जो सरकार ने एक्वायर की थी. ये जगह एक्वायर नहीं हुई थी. ये जगह आज भी फ्रेश है और खसरा खतौनी में आज भी माधव सिंह के नाम दर्ज है। उन्होंने बताया कि इसका केश सिविल जज सीनियर डिवीज़न एटा के यहाँ और हाई कोर्ट मे भी चल रहा है।

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