लखनऊ (Uttar Pradesh ). एक एनजीओ के सर्वे के अनुसार साल 2009 में देश की सबसे अमीर महिला सांसद रहीं राजकुमारी रत्ना सिंह ने विधानसभा उपचुनाव के दौरान रिक्शे से जाकर वोट डाला। राजकुमारी रत्ना सिंह यूपी के प्रतापगढ़ लोकसभा क्षेत्र से तीन बार कांग्रेस की सांसद रह चुकी है। हाल ही में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। उन्होंने प्रतापगढ़ सीट पर हो रहे उपचुनाव में रिक्शे से जाकर मतदान किया। 

राजकुमारी रत्ना सिंह प्रतापगढ़ के कालाकांकर रियासत की राजकुमारी हैं। उनके पिता राजा दिनेश सिंह इस रियासत के राजा थे और कांग्रेस सरकार में केंद्रीय विदेश मंत्री भी रहे थे। उनके कोई पुत्र न होने के कारण राजकुमारी रत्ना सिंह ही इस रियासत की मालकिन है। राजकुमारी रत्ना सिंह प्रतापगढ़ के कालाकांकर विकासखंड में गंगा नदी के किनारे बने आलीशान महल में रहती हैं। 

राजस्थान के प्रतापगढ़ रियासत की भी हैं मालकिन 
राजकुमारी रत्ना सिंह की शादी राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की रियासत के राजा जय सिंह शिशोदिया से हुई है। राजकुमारी रत्ना सिंह एक एक बेटे युवराज भुवन्यु सिंह व एक बेटी राजकुमारी तनुश्री हैं। बताया जा रहा है कि शिशोदिया परिवार राजस्थान की मुख्यमंत्री रहीं वसुंधरा राजे के बेहद करीब रहा है। ऐसे में लम्बे समय से पिता की विरासत सहेज रही राजकुमारी रत्ना सिंह ने कांग्रेस से विरत होकर बीजेपी में जाने का मन बना लिया। 

पूर्व PM इंदिरा गांधी के बेहद करीबी माने जाते थे राजा दिनेश सिंह 
राजकुमारी रत्ना सिंह के पिता राजा दिनेश सिंह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेहद करीबी माने जाते थे। बताया जाता है कि उन्हें केंद्रीय विदेश मंत्री बनाने के बाद भी उनसे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अपने हर महत्वपूर्ण फैसले में शामिल करती थी। सरकार को अच्छे ढंग से चलने के लिए उनकी राय अवश्य ली जाती थी। आजादी का लड़ाई में भी कालाकांकर रियासत का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 

2009 में थी देश की सबसे अमीर महिला सांसद 
राजकुमारी रत्ना सिंह प्रतापगढ़ सीट से वर्ष 1996 और फिर 1999 में दो बार बतौर सांसद चुनी गई। हालांकि वर्ष 2004 में वह रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भैया' के चचेरे भाई अक्षय प्रताप सिंह से चुनाव हार गई थीं। साल 2009 में राजकुमारी रत्ना सिंह ने अक्षय प्रताप सिंह को चुनाव हराकर फिर से प्रतापगढ़ लोकसभा सीट पर कब्जा जमाया था। 2009 में नेशनल इलेक्शन वाच नाम के एक एनजीओ के मुताबिक़ वह देश की सबसे अमीर महिला सांसद थीं। उस समय उनके पास 67 करोड़ 82 लाख रुपये की सम्पत्ति थी।