कानपुर(Uttar Pradesh)। फर्जी तरीके से भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) का एजेंट बना अमरोहा निवासी सतेंद्र चौहान ने पकड़े जाने पर एक और खुलासा किया है। सतेंद्र ने बताया कि देहरादून की एक कंपनी के जरिए धौलपुर (राजस्थान) में जल निगम में एसटीपी पंप ऑपरेटर की नौकरी कर रहा था। इसी दौरान कानपुर में तैनात एक महिला दारोगा से फेसबुक पर दोस्ती हुई, जिसे उसने खुद को रॉ एजेंट बताया था। दोनों में नजदीकियां इतनी बढ़ गईं महिला दारोगा उससे शादी करना चाहती थी। इतना ही नहीं शादी का झांसा देकर महिला दारोगा यौन शोषण करता था और उसके साथ घूमता था। 

शादी का झांसा देकर करता था यौन शोषण
सतेंद्र ने खुद को रॉ एजेंट व अविवाहित होने की बताता था। महिला दारोगा उससे शादी करना चाहती थी। शादी का झांसा देकर वह महिला दारोगा का यौन शोषण करता था। दीपावली पर वह दारोगा की मां से मिलने भी आया था। उसने खुद को बीटेक पास बताया, जबकि केवल 10वीं तक पढ़ा है।

2 बच्चों का है पिता
सतेंद्र की शादी हो चुकी है। अमरोहा स्थित घर में उसकी मां, पत्नी और छह व तीन वर्ष के दो बेटे हैं। वह पहली बार दीपावली पर दारोगा से मिलने आया था। इसके बाद रेलबाजार में किराए पर कमरा लिया। इसी दौरान मीट व्यापारी फैसल व रेलबाजार के दवा सेल्समैन रोहन समेत अन्य साथियों से मुलाकात हुई।

26 जनवरी को भी पुलिस लाइन में आया था सत्येंद्र
सतेंद्र के मुताबिक दो दिन रुकने के बाद लौट गया था। नवंबर में रेलबाजार आ गया। कई दिन तक दारोगा के साथ भी रहा, तब शादी की बातचीत शुरू हुई। 26 जनवरी को पुलिस लाइन की परेड देखने पहुंचा था।

ऐसे खुला राज
कलक्टरगंज थाना क्षेत्र में दवा मार्केट से सतेंद्र ने शनिवार को फिल्मी स्टाइल में खुद को रॉ अधिकारी बताकर दवा एजेंट को बुलेट से अगवा कर लिया था। बाद में परिजनों को फोन कर दस लाख की फिरौती मांगी। जानकारी होने पर रविवार रात सीपीसी माल गोदाम में मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत पांच बदमाशों को दबोच कर दवा एजेंट को मुक्त कराया, जिसके बाद पूछताछ में उसने सारे राज खोल दिए।