यूपी के मैनपुरी और एटा में एसआईटी जांच में 190 शिक्षकों को फर्जी घोषित करते हुए बर्खास्त कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, सभी फर्जी शिक्षकों की डिग्री आगरा के डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से है। इन शिक्षकों से वतन की रिकवरी भी की जाएगी। एटा में 116 और मैनपुरी में 74 शिक्षक फर्जी मिले हैं।

मैनपुरी (Uttar Pradesh). यूपी के मैनपुरी और एटा में एसआईटी जांच में 190 शिक्षकों को फर्जी घोषित करते हुए बर्खास्त कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, सभी फर्जी शिक्षकों की डिग्री आगरा के डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से है। इन शिक्षकों से वतन की रिकवरी भी की जाएगी। एटा में 116 और मैनपुरी में 74 शिक्षक फर्जी मिले हैं। 

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क्या है पूरा मामला
एसआईटी जांच में सामने आया कि ज्यादातर शिक्षकों ने फर्जी तरीके से अपने अंक पत्रों में फेरबदल करके अंक बढ़वा लिए। वहीं, कुछ ने बीएड के फर्जी मार्कशीट लगा दिए। मैनपुरी में बर्खास्त शिक्षकों में 33 के बीएड के अंकपत्र फर्जी निकले। जबकि 41 शिक्षकों ने फर्जी तरीके से अंकपत्रों में 30 से 40 अंक तक बढ़वा लिए थे। बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया, शिक्षकों को जिला चयन समिति के फैसले के बाद बर्खास्त किया गया है। सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इनसे पिछले 10 साल में दिए गए वेतन की वसूली भी की जाएगी। 

15 साल पुराना है मामला
बता दें, डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से साल 2004-5 में B.Ed करने वाले मैनपुरी के 78 शिक्षकों को एसआईटी ने फर्जी घोषित किया था। 2017 में एसआईटी ने इन शिक्षकों की बर्खास्तगी के लिए सीडी बीएसए कार्यालय को रिपोर्ट भेजी थी।