यूपी के फर्रुखाबाद का छोटा सा करथिया गांव अचानक गुरुवार यानी 30 जनवरी को चर्चा में आ गया। यहां एक एक सिरफिरे सुभाष बाथम ने 23 मासूम बच्चों को बंधक बना लिया था। आरोपी ने बेटी की बर्थडे पार्टी के बहाने बच्चों को बुलाकर अंडरग्राडंड कमरे में बंद कर दिया था। हालांकि, एनएसजी कमांडो ने गांववालों के साथ मिलकर आपरेशन चला सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

फर्रुखाबाद (Uttar Pradesh). यूपी के फर्रुखाबाद का छोटा सा करथिया गांव अचानक गुरुवार यानी 30 जनवरी को चर्चा में आ गया। यहां एक एक सिरफिरे सुभाष बाथम ने 23 मासूम बच्चों को बंधक बना लिया था। आरोपी ने बेटी की बर्थडे पार्टी के बहाने बच्चों को बुलाकर अंडरग्राडंड कमरे में बंद कर दिया था। हालांकि, एनएसजी कमांडो ने गांववालों के साथ मिलकर आपरेशन चला सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं, मुठभेड़ में सनकी मारा गया, जबकि उसकी पत्नी को गांववालों ने पीट पीटकर घायल कर दिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 10 घंटे से ज्यादा सनकी की कैद में रहे बच्चों ने घर के अंदर के पूरे माहौल के बारे में बताया। 

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घर में बंधक बनाए गए 12 साल के इस लड़के ने सुनाई दास्तां
सुभाष के घर से सुरक्षित बाहर आए 12 साल के विनीत ने कहा, हम दोपहर सुभाष अंकल के घर पहुंच गए थे। जब सभी बच्चे एकजुट हो गए तो अंकल ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया और सभी बच्चों को तहखाने में ले गए। हम बहुत डरे थे। अंकल ने धमकी दी थी कि अगर कोई रोया तो वो बारूद से उड़ा देंगे। हालांकि, उन्होंने किसी बच्चे पर हाथ नहीं उठाया। कुछ छोटे बच्चे जब रोने लगे तो आंटी (सुभाष की पत्नी) ने उन्हें समझाकर शांत कराया। यही नहीं, अंकल भी जब ज्यादा गुस्सा करते थे आंटी उन्हें भी शांत कराती थीं। 

सनकी की पत्नी बार बार बच्चों को दे रही थी तसल्ली
विनीत ने कहा, बंधक बनाने के बाद अंकल ने बाहर से बिस्कुट मंगाया था। कुछ बिस्किट बच्चों को दिए और कुछ खुद खा गए। इसके बाद वो हमारे सामने बैठ शराब पीते रहे। आंटी (सुभाष की पत्नी) भी बहुत डरी हुईं थीं। इस वजह से वो जो भी कह रहे थे आंटी वो करती जा रहीं थीं। वो बार-बार सभी बच्चों को तसल्ली दे रही थीं कि थोड़ी देर में छूट जाओगे। अभी छूट जाओगे। इस बीच अंकल ने अपनी बेटी का बर्थडे भी मनाया। सभी बच्चों को केक भी खिलाया गया था।