अयोध्या (Uttar Pradesh). एक लड़की 2 महीने से अपनी मां और बहन के शव के साथ घर में रह रही थी। पड़ोसियों ने बदबू की शिकायत की तो पुलिस दरवाजा तोड़ घर में दाखिल हुई। जहां मां बेटी का कंकाल मिला, जबकि युवती कमरे में सोती हुई मिली।  

पूर्व एसडीएम की थी फैमिली
मामला अयोध्या के देवकाली चौकी स्थित आदर्श नगर कॉलोनी का है। सीओ सिटी अरविंद चौरसिया ने बताया, यहां पूर्व एसडीएम विजेंद्र श्रीवास्तव की फैमिली रहती थी। विजेंद्र की साल 1990 में मौत हो गई थी। उसके बाद उनकी पत्नी पुष्पा अपनी तीन बेटियां के साथ घर में रह रही थीं। बताया जा रहा है कि तीनों बेटियों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। कुछ समय बाद एक बेटी रुपाली की मौत हो गई। करीब दो महीने पहले पुष्पा और एक बेटी विभा की भी मौत हो गई। जिसके बाद से बेटी दीपा दोनों के शव के साथ घर में रह रही थी। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही दोनों के मौत का कारण पता चल सकेगा। दीपा को मेडिकल चेकअप के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। 

पड़ोसी कई दिन से कर रहे थे बदबू आने की शिकायत 
वहीं, पड़ोसियों ने बताया, इस परिवार से कोई बातचीत नहीं करता था। पिछले डेढ़ महीने से घर से बदबू आ रही थी, जिसकी शिकायत लगातार पुलिस से की जा रही थी। गुरुवार को तेज बदबू आने के बाद फिर से पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंच दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी तो घर में दो कंकाल पड़े थे, जबकि एक युवती दूसरे कमरे में सो रही थी।