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ज्ञानवापी केस: कथित शिवलिंग के संरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का पुराना आदेश बरकरार, तीन मामलों पर हुई सुनवाई

वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर के वजूखाने में मिले कथित शिवलिंग के पूजा-अर्चना के अधिकार और उसके संरक्षण की समय सीमा बढ़ाए जाने की मांग पर सुनवाई हुई है। बता दें कि अविमुक्तेश्वरानंद मामले में सुनवाई टल गई है।

Gyanvapi case Supreme Court and Varanasi court will hear three cases today important decision may come
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First Published Nov 11, 2022, 12:57 PM IST

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़े तीन मामलों पर आज सुनवाई हुई। तीनों मामलों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट और वाराणसी कोर्ट में हुई। बता दें कि ज्ञानवापी परिसर के वजूखाने में मिले कथित शिवलिंग की पूजा-अर्चना के अधिकार और उसे संरक्षण की समयसीमा बढ़ाए जाने की मांग और परिसर में सर्वे की कार्रवाई को आगे बढ़ाने की मांग पर सुनवाई होनी थी। सिविल जज सीनियर डिविजन कुमुद लता त्रिपाठी की अदालत में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द की तरफ से दाखिल वाद की सुनवाई एक बार फिर टल गई है। ज्ञानवापी परिसर के वजूखाने में मिले कथित शिवलिंग की पूजा पाठ रागभोग आरती करने की अनुमति मांगी गई थी। अदालत के पीठासन अधिकारी के छुट्टी पर होने के चलते मामले पर सुनवाई की अगली तारीख 18 नवम्बर तय की गई है।

मुस्लिम पक्ष ने दाखिल की थी आपत्ति
इस दौरान ज्ञानवापी परिसर में बने तहखानों को तोड़कर कमीशन की कार्रवाई आगे बढ़ाने की मांग पर सुनवाई हुई। वहीं हिंदू पक्ष की इस मांग पर मुस्लिम पक्ष यानि अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से आपत्ति दाखिल की गई थी। जिसके बाद अदालत ने हिंदू पक्ष की ओर से प्रति आपत्ति दाखिल करने के लिए 11 नवंबर यानि आज की तिथि तय की थी। हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन के अनुसार, 82 ग के तहत वादी पक्ष ने कमीशन की कार्यवाही आगे बढ़ाने की बात अदालत में कही है।

कथित शिवलिंग की पूजा-पाठ की मांगी गई अनुमति
ज्ञानवापी परिसर के वजूखाने में मिले कथित शिवलिंग की पूजा, पाठ, राग भोग, आरती करने को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ओर से दाखिल अर्जी पर सुनवाई टल गई है। कोर्ट में दाखिल अर्जी में कहा गया कि कानूनन देवता की परिस्थिति एक जीवित बच्चे की तरह होती है, जिसे अन्न-जल आदि नहीं देना संविधान की धारा अनुच्छेद-21 के तहत दैहिक स्वतंत्रता के मूल अधिकार का उल्लंघन है। ऐसे में कथित शिवलिंग की पूजा-पाठ की अनुमति दी जाए। 

शिवलिंग के संरक्षण मामले पर होगी सुनवाई
बताया जा रहा है कि मामले पर विचार करने के लिए एक पीठ का भी गठन किया जाएगा। वहीं परिसर के वजूखाने में मिले कथित शिवलिंग को संरक्षित करने की समयसीमा बढ़ाए जाने की याचिका पर सुनवाई हुई। बता दें कि हिंदू पक्ष के वकील वकील विष्णु शंकर जैन ने बीते गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने याचिका पर जल्द सुनवाई करने की मांग की थी। मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के आदेश यानि को शिवलिंग के संरक्षण के आदेश को आगे बढ़ा दिया है।

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