यूपी के वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद मामले पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सासंद अससुद्दीन ओवैसी समेत शहर के तमाम मौलवी और काजी पर केस दर्ज करने की मांग पर आज यानि की 1 नवंबर को अदालत का आदेश आ सकता है। 

वाराणसी: वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद मामले पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और AIMIM चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी द्वारा दिए गए विवादित बयान मामले पर आज अदालत का आदेश आ सकता है। बता दें कि नवंबर महीने में अदालत का यह पहला आदेश आने वाला है। आज दोपहर दो बजे के बाद ACJM 5th MP-MLA उज्जवल उपाध्याय की अदालत में आदेश आ सकता है। यह मामला सुनवाई योग्य है या नहीं इस पर अदालत अपना आदेश दे सकती है। 

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केस दर्ज करने की हुई थी मांग
बता दें कि ज्ञानवापी परिसर के वजूखाने में मिली कथित शिवलिंग के पास गंदगी फैलाने और उस पर बयानबाजी कर धार्मिक भावनाएं भड़काने व नारेबाजी के खिलाफ मामला सुनवाई योग्य है या नहीं इस पर बीते 18 अक्टूबर को अदालत का फैसला आना था। इस मामले में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, सांसद ओवैसी समेत शहर के तमाम काजी और मौलवियों पर केस दर्ज करने की मांग की गई थी। वाराणसी के रामेश्वर निवासी अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय की ओर से दाखिल वाद में मुकदमा सुनने योग्य है या नहीं, इस पर सुनवाई पूरी हो चुकी है।

धार्मिक भावनाएं आहत करने का लगाया था आरोप
अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि पीपल के पेड़ के नीचे पत्थर रखकर झंडा लगा दो तो वहीं भगवान और शिवलिंग है। लोग वहीं पर पूजा करना शुरूकर देंगे। इसके अलावा AIMIM चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी और उनके भाई लगातार हिंदू भाइयों के धार्मिक मामले और स्वयंभू आदि विश्वेश्वर खिलाफ अपमानजनक बयानबाजी कर रहे हैं। हरिशंकर पांडेय ने कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जाए। इस मामले पर दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है। संभावना जताई जा रही है कि आज यानि की 1 नवंबर को कोर्ट का आदेश आ सकता है। 

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