उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विद्युतीकरण से गांवों में बिजली आपूर्ति बेहतर हुई है। सरकार की योजनाओं से घर-घर कनेक्शन, खेती व रोजगार को लाभ मिला है। नए उपकेंद्र, स्मार्ट मीटरिंग और मजबूत वितरण नेटवर्क से विकास की गति तेज हुई है।
लखनऊ। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के कई गांव बिजली की कमी से परेशान थे, लेकिन अब स्थिति काफी बदल गई है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने ग्रामीण विद्युतीकरण को विकास की बुनियाद बनाकर हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य योजनाबद्ध तरीके से पूरा किया है। अब अधिकांश गांवों में घर-घर बिजली कनेक्शन उपलब्ध हैं। बजट 2026-27 में बिजली क्षेत्र के लिए 65,926 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना: बिजली नेटवर्क मजबूत करने पर फोकस
दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में पारेषण और वितरण नेटवर्क को मजबूत किया गया। पुरानी और जर्जर लाइनों को बदला गया, नए उपकेंद्र बनाए गए और बिजली आपूर्ति की व्यवस्था बेहतर की गई। इससे गांवों में बिजली की उपलब्धता पहले की तुलना में काफी सुधरी है।
हर घर बिजली योजना: मुफ्त कनेक्शन से बदली ग्रामीण जीवनशैली
प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन मिले। अब गांवों में सिर्फ घरों की रोशनी ही नहीं, बल्कि खेती, लघु उद्योग और छोटे व्यवसायों को भी लगातार बिजली मिल रही है, जिससे आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं।
डिस्ट्रिब्यूशन सुधार योजना: स्मार्ट मीटर और मजबूत ढांचा
संशोधित वितरण क्षेत्र सुधार योजना के अंतर्गत ग्रामीण वितरण व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। पुराने कंडक्टर बदले जा रहे हैं, लो-टेंशन एबी केबल बिछाई जा रही हैं और ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। स्मार्ट मीटरिंग लागू होने से बिजली चोरी पर रोक लग रही है और आपूर्ति की गुणवत्ता बेहतर हुई है। इससे लो वोल्टेज की समस्या भी कम हुई है।
खेती, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य पर बिजली का सकारात्मक असर
ग्रामीण विद्युतीकरण से किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर बिजली मिल रही है, जिससे फसल उत्पादन बढ़ा है। डेयरी, कोल्ड स्टोरेज, आटा चक्की, वेल्डिंग और अन्य छोटे उद्योगों को फायदा हुआ है। स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों में भी बिजली उपलब्ध होने से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आया है। सरकार का मानना है कि मजबूत गांव ही समग्र विकास की आधारशिला हैं।
24 घंटे बिजली आपूर्ति और नए उपकेंद्रों का विस्तार
वित्त वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 20 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 22 घंटे और जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई। 1 अप्रैल 2022 से 2025-26 तक 2,410 नए 33/11 केवी उपकेंद्र बनाए गए या उनकी क्षमता बढ़ाई गई। साथ ही 20,924 नए वितरण ट्रांसफार्मर लगाए गए और 85,684 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई।


