भोपाल में जनगणना-2027 प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए CM मोहन यादव ने डिजिटल जनगणना को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने विकास योजनाओं, त्योहार व्यवस्था और कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत किसानों से जुड़ी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया। 

भोपाल में जनगणना-2027 प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने डिजिटल जनगणना को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने विकास योजनाओं, त्योहार व्यवस्था और कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत किसानों से जुड़ी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में जनगणना-2027 के पहले चरण के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में एक ऐतिहासिक जनगणना होने जा रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश इस प्रक्रिया में देश के लिए आदर्श मॉडल बनेगा और केंद्र सरकार की अपेक्षाओं को सफलतापूर्वक पूरा करेगा। कार्यक्रम में जनगणना प्रक्रिया पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।

डिजिटल जनगणना 2027: डेटा आधारित विकास की दिशा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण डेटा प्रक्रिया है। इसके आधार पर सरकारी योजनाएं बनती हैं, संसाधनों का वितरण तय होता है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति तैयार होती है। भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है, इसलिए यह जनगणना राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने डिजिटल जनगणना कराने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। साथ ही गांवों, टोलों और बेचिराग गांवों की वास्तविक स्थिति दर्ज करने की व्यवस्था पर भी जोर दिया।

जनगणना से तय होते हैं सड़क, अस्पताल और शिक्षा विकास के फैसले

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क, अस्पताल, स्कूल जैसे विकास कार्य जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही आगे बढ़ते हैं। इसलिए जनगणना सिर्फ संख्या गिनने की प्रक्रिया नहीं बल्कि प्रशासन की पारदर्शिता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की परीक्षा भी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विशेष रणनीति बनाई जाए और समय सीमा में जनगणना का काम पूरा किया जाए। कलेक्टर और कमिश्नर इस प्रक्रिया को मजबूत नेतृत्व दें।

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त्योहारों, बजट सत्र और प्रशासनिक तैयारियों पर दिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने बताया कि विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। महाशिवरात्रि और होली जैसे त्योहारों को देखते हुए शांति समितियों के साथ बैठक कर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रदेश में शांति और व्यवस्था बनी रहे।

कृषक कल्याण वर्ष 2026: किसानों के लिए योजनाएं और उत्पादन बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने भावांतर योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया गया है, इसलिए किसानों से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। ग्रीष्मकालीन फसलों में उड़द और मूंगफली को बढ़ावा देने, मक्का उत्पादन से किसानों को लाभ दिलाने और नरवाई जलाने की घटनाओं को खत्म करने पर विशेष ध्यान देने की बात कही। साथ ही दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने और खनिज, पंजीयन व आबकारी विभागों में राजस्व लक्ष्य हासिल करने के निर्देश भी दिए।