मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने PWD क्षमता संवर्धन कार्यशाला में इंजीनियर्स को भगवान विश्वकर्मा का अवतार बताया। पीएम गतिशक्ति योजना, ग्रीन बिल्डिंग, गुणवत्ता और PMS 2.0 जैसे नवाचारों पर जोर दिया गया।

भोपाल। वर्तमान समय में हमारे इंजीनियर्स साक्षात भगवान विश्वकर्मा के अवतार हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने पिछले दो वर्षों के कार्यों के आधार पर अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बनाई है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। यह कार्यक्रम लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा आयोजित किया गया था।

PM Gati Shakti Yojana के तहत PWD में नवाचारों को बढ़ावा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पीएम गतिशक्ति योजना के माध्यम से लोक निर्माण विभाग लगातार नवाचारों को धरातल पर उतार रहा है। इससे बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिली है और निर्माण कार्यों में आधुनिक सोच को अपनाया जा रहा है।

निर्माण कार्य केवल ईंट-पत्थर नहीं, एक रचनात्मक कला है

कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण केवल ईंट-पत्थर का संयोजन नहीं, बल्कि एक अभिनव कला है। हर निर्माण कार्य में दीर्घकालिक योजना, बेहतर दृष्टिकोण और गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते समय की जरूरतों के अनुसार अब हर प्रोजेक्ट में कन्सेप्चुअल और क्वालिटेटिव अप्रोच अनिवार्य हो गई है। गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। प्रदेश के समग्र विकास के लिए सभी को अपनी पूरी क्षमता और दक्षता से कार्य करना होगा।

Green Building Development पर बनी सहमति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इस कार्यशाला के दौरान एमपीआईडीसी सहित देश की विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ समझौते किए गए हैं। प्रदेश में ग्रीन बिल्डिंग विकास को लेकर सहमति बनी है। उन्होंने इन नवाचारों और कार्यों के लिए लोक निर्माण मंत्री एवं विभाग को बधाई दी।

गीता के ज्ञान से इंजीनियर्स को मिली प्रेरणा

इंजीनियर्स को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता के अंतिम अध्याय में ज्ञान और विज्ञान का सुंदर समन्वय बताया गया है, जिसमें मन, बुद्धि, अहंकार और पंच तत्वों की व्याख्या की गई है। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला आधुनिक और टिकाऊ संरचनाओं के निर्माण को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर्स ने सांदीपनि विद्यालय सहित कई बड़े अधोसंरचनात्मक विकास कार्य सफलतापूर्वक किए हैं।

सड़क, पुल, स्टेडियम और भवन निर्माण में PWD की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, पुल, स्टेडियम और सरकारी भवन जैसे अधिकांश निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के माध्यम से ही किए जाते हैं। विभागीय इंजीनियर्स को अपने कार्य के दौरान अनेक तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण और कार्यशालाएं आवश्यक हैं।

राष्ट्रीय प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ हुए MOU

कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षण कैलेंडर और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट मैनुअल का विमोचन किया गया। साथ ही PMS Portal 2.0 डिजिटल प्रबंधन प्रणाली को प्रेजेंटेशन के साथ लॉन्च किया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम और मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निम्नलिखित प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए-

  • सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI), नई दिल्ली
  • इंडियन एकेडमी ऑफ हाईवे इंजीनियर्स (IAHE), नई दिल्ली
  • इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया (ESCI), हैदराबाद
  • आईआईटी मुंबई
  • स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), भोपाल

PMS 2.0 Digital Project Management System हुआ लॉन्च

कार्यशाला में परियोजना प्रबंधन पुस्तिका, ब्रोशर और मैनुअल का विमोचन किया गया। इसके साथ ही प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम PMS 2.0 का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया। राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों ने क्षमता निर्माण, ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा, आधुनिक निर्माण तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण और नवाचार जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया।