इंसानियत का अनोखा उदाहरण सामने आया है। दो माह पहले मायके गई महिला के पति की अकस्मात मौत हो गई। उसे सूचना मिली लेकिन वह लॉकडाउन के कारण घर नहीं जा पा रही थी। उसने पुलिस से मदद मांगी। जिसके बाद पुलिस ने महिला को खुद से गाड़ी की व्यवस्था कराकर उसके घर पहुंचाया

कानपुर(Uttar Pradesh ). कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन में यूपी पुलिस फरिश्ता बनकर सामने आई है। पुलिस न सिर्फ भूखों को भोजन करा रही बल्कि आपातकाल में लोगों को उनके अपनों तक भी पहुंचा रही है। ऐसे ही इंसानियत का अनोखा उदाहरण सामने आया है। दो माह पहले मायके गई महिला के पति की अकस्मात मौत हो गई। उसे सूचना मिली लेकिन वह लॉकडाउन के कारण घर नहीं जा पा रही थी। उसने पुलिस से मदद मांगी। जिसके बाद पुलिस ने महिला को खुद से गाड़ी की व्यवस्था कराकर उसके घर पहुंचाया। यूपी पुलिस के इस काम को जिसने भी सुना सभी ने जमकर तारीफ की। 

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बता दें कि कानपुर के रिजर्व बैंक के पास स्थित कालोनी में रहने वाली रूबी की शादी प्रतापगढ़ के बेल्हा देवी रोड पर रहने वाले बृजलाल से हुई थी। बृजलाल होमगार्ड थी। तक़रीब चार माह पहले रूबी अपने मायके गई थी। उसे मार्च में ससुराल वापस आना था लेकिन लॉकडाउन होने के कारण वह वापस नहीं आ सकी। इसी बीच गुरूवार की दोपहर उसके पति बृजलाल की तबियत अचानक खराब हुई। परिजन उसे लेकर अस्पताल गए जहां उसकी मौत हो गई। ये बात रूबी को बताई गई तो आवाक रह गई। पति के अंतिम दर्शन के लिए वह आना चाहती थी लेकिन लॉकडाउन ने उसे मजबूर कर दिया। 

पुलिस ने खुद से गाड़ी की व्यवस्था कर भेजा घर 
रूबी ने कानपुर पुलिस से मदद मांगी। उसने पति की मौत के बारे में पुलिस को बताया तो पुलिस फरिश्ता बनकर सामने आई। कानपुर के बर्रा थानाध्यक्ष रणजीत सिंह को जब कंट्रोल रूम से इस मार्मिक घटना की जानकारी हुई तो वह तुरंत रूबी के घर निकल पड़े। उन्होंने एक निजी कार की व्यवस्था करवाई और रूबी को उसके ससुराल भेजा। 

सबने की यूपी पुलिस के सराहनीय कार्य की तारीफ 
पुलिस द्वारा उपलब्ध करवाई गई कार से पति के अंतिम संस्कार के पहले रूबी अपने ससुराल पहुंच सकी। रूबी के पहुंचने के बाद जब लोगों को पुलिस के इस कार्य की जानकारी हुई तो सभी ने पुलिस के इस सराहनीय कार्य की तारीफ की।