अखिल भारत हिन्दू महासभा को बीते 6 दिसम्बर को शाही ईदगाह में कृष्ण की मूर्ति स्थापित करना था। जिसे लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए शहर में सांप्रदायिक सद्भाव का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया था और इस बार उन्होंने कोविड मानदंडों का हवाला देते हुए अनुमति देने से इंकार कर दिया है। 

मथुरा: अखिल भारत हिंदू महासभा को मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद में एक बार फिर भगवान कृष्ण की ‘आरती’ करने की इजाजत नहीं दी गई है। मथुरा प्रशासन ने इस बार कोविड मानदंडों का हवाला देते हुए अनुमति देने से इंकार कर दिया है। संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष राज्यश्री चौधरी को भेजे गए पत्र में जिला प्रशासन ने कहा, ‘कानून-व्यवस्था और शहर में शांतिपूर्ण माहौल बना हुआ है, यह माहौल बिगड़ने न पाए इसलिए इस कार्यक्रम के लिए अभी अनुमति नहीं दी गई है। सार्वजनिक समारोह पर धारा 144 लागू है। यह धारा 21 जनवरी तक लागू रहेगी।

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राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किया जनमत संग्रह शुरू करने का एलान
बीते 6 दिसम्बर से लगातार प्रशासन की ओर से कार्यक्रम की अनुमति न मिलने पर अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष राज्यश्री चौधरी ने कहा कि पहले मथुरा प्रशासन ने शहर में सांप्रदायिक सद्भाव का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया था और इस बार उन्होंने कोविड मानदंडों का हवाला देते हुए अनुमति देने से इंकार कर दिया है। जिसके चलते महासभा ने अब घोषणा की है कि वह कुरुक्षेत्र में जनमत संग्रह की शुरुआत करेगी।

कृष्ण जन्मभूमि निर्माण के लिए होगा जनमत संग्रह
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वे 26 जनवरी से कृष्ण जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के लिए एक ‘जनमत संग्रह’ शुरू करेंगी, जहां कृष्ण ने अर्जुन को ‘गीता’ का उपदेश दिया था। उन्होंने कहा कि दो हफ्ते से भी कम समय में यह दूसरा मौका है, जब मथुरा प्रशासन ने महासभा को शाही ईदगाह पर अपना कार्यक्रम आगे बढ़ाने से रोका है। संगठन ने पहले घोषणा की थी कि वह 6 दिसंबर को शाही ईदगाह में कृष्ण की मूर्ति स्थापित करेगा।