यूपी के मुरादाबाद में मां की ​अर्थी को मुखाग्नि देते समय बेटे के दम तोड़ने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शख्स अपनी मां की मौत का सदमा बर्दास्त नहीं कर सका और श्मशान घाट पर ही दम तोड़ दिया।

मुरादाबाद (Uttar Pradesh). यूपी के मुरादाबाद में मां की ​अर्थी को मुखाग्नि देते समय बेटे के दम तोड़ने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शख्स अपनी मां की मौत का सदमा बर्दास्त नहीं कर सका और श्मशान घाट पर ही दम तोड़ दिया। वह अपनी मां की चिता को मुखाग्नि भी नहीं दे पाया था। जिसके बाद दोनों की चिता एक साथ जलाई गई। ​यह देख हर किसी की आंखें नम थी। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

क्या है पूरा मामला
मामला मुरादाबाद के बिलारी थाना क्षेत्र का है। यहां के खाता गांव की रहने वालीं 84 साल की वृद्धा रामकली के पति रतन लाल का करीब 48 साल पहले निधन हो गया था। इनका एक ही बेटा विजेंदर था। वृद्धा ने बेटे को बड़ी मुसीबतों से पाल पोस कर बड़ा किया। बेटा भी अपनी मां से बहुत प्यार करता था। बताया जा रहा है कि विजेंदर जब तक खाना नहीं खाता था, तब तक उसकी मां भी भोजन नहीं करती थी। गुरुवार को रामकली की निधन हो गया। जिसके बाद बेटे का रो रोकर बुरा हाल था। 

मां के निधन पर बेटे को लगा सदमा
विजेंदर के बेटे जगत सिंह ने बताया, दादी का अंतिम संस्कार करने सभी पास के श्मशान घाट गए थे। पिता चिता को मुखाग्नि देते हुए नीचे गिर पड़े। उनके मुंह से थोड़ा खून भी निकला। जब तक हम उन्हें अस्पताल ले जाते, उन्होंने वहीं दम तोड़ दिया। पिता को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। हालांकि, कुछ दिनों से वो अस्वस्थ्य थे। पिता की मौत के बाद उनकी और दादी का अंतिम संस्कार अगल बगल किया गया। पिता की मौत के बाद परिवार के अन्य लोग भी श्मशान घाट पहुंच गए।