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लॉक डाउन के कारण नहीं आ पाई बारात, दो बहनों का ऑनलाइन हुआ निकाह

तय तिथि पर शाम शाम 4:00 बजे मदरसा दारुल उलूम जकरिया के सदर मुदर्रीस व मीर शिकार टोला मस्जिद के पेश इमाम मुफ्ती मोहम्मद अहसन ने निकाह पढ़ाया। जिसे दोनों तरफ से कबूल कर लिया गया।

Marriage could not stop the lockdown, marriage of two sisters happened online asa
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Ballia, First Published Mar 26, 2020, 4:30 PM IST
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बलिया  (Uttar Pradesh) । कोरोना वायरस के कारण लोग खौफजदा है। लॉक डाउन के कारण जो जहां है वहां से बाहर नहीं आ रहा है। इस कारण पहले से तय शादी को भी लोग स्थगित कर दे रहे हैं, लेकिन एक पिता ने गजब की मिसाल पेश की। तय तिथि पर एक नहीं दो-दो बेटियों का निकाह (शादी) कराई। हालांकि दोनों के दूल्हे भी ऑनलाइन वीडियो कॉल पर थे। इधर से परंपराओं के मुताबिक पेश इमाम 
ने से दो सगी बहन का निकाह ऑनलाइन पढ़ाया। यह मामला बलिया नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नंबर 5 का है।

यह है पूरा मामला
अहमद कुरैशी उर्फ छोटे कुरैशी ने अपनी दो बेटी नगमा परवीन और राहत परवीन की शादी एक साथ 25 मार्च को तय की थी। शादी की तैयारियां पहले ही पूरी हो चुकी थी। लेकिन, देशभर में लॉक डाउन के कारण बारात नहीं आ सकी। इसके कारण दोनों पक्ष ने रजामंदी से नई परंपरा की शुरूआत करने का निर्णय लिया। 

बिहार से आती बारात
छोटे कुरैशी की तीसरी बेटी नगमा परवीन का निकाह नालंदा (बिहार) के आगामा निवासी मोहम्मद मंजूर कुरैशी का पुत्र शमशेर कुरैशी से हुई, जबकि चौथी बेटी राहत परवनी का निकाह बिहार के ही गया जिला के अबगीला जगदीशपुर निवासी कलीम कुरैशी मरहूम के पुत्र शाहनवाज अख्तर कुरैशी से हुई। 

तय तिथि पर हुई शादी
आनलाइन निकाह में दोनों दूल्हा अपने परिवार के साथ बैठे थे। इधर से छोटे कुरेशी की दोनों बेटियां भी परिवार के साथ बैठी थी। तय तिथि पर शाम शाम 4:00 बजे मदरसा दारुल उलूम जकरिया के सदर मुदर्रीस व मीर शिकार टोला मस्जिद के पेश इमाम मुफ्ती मोहम्मद अहसन ने निकाह पढ़ाया। जिसे दोनों तरफ से कबूल कर लिया गया। वहीं, इस मौके पर हाफिज नफीस साहब, वार्ड पार्षद पति मोहम्मद अफाक आदि लोग मौजूद थे। निकाह की रस्म अदायगी के बाद लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दिया।

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