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हरदोई में नौकर के प्यार में पागल हुई मालकिन ने पति को दी थी दर्दनाक मौत, कोर्ट ने पांच साल बाद दिया ये फैसला

यूपी के जिले हरदोई में पांच साल पहले हुई हत्या मामले में कोर्ट ने आजीवन कारावास के साथ हजारों रुपए का अर्थदंड लगाते हुए आरोपियों को सजा सुनाई है। नौकर के प्यार में पागल हुई एक महिला ने पति को दर्दनाक मौत दी थी।

mistress fell madly love servant Hardoi gave husband painful death court gave decision after five years
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Lucknow, First Published Aug 18, 2022, 9:39 AM IST

सुधीर मिश्रा
हरदोई:
उत्तर प्रदेश के जिले हरदोई में कोर्ट ने पांच साल पहले हत्या के मामले में फैसाल सुनाया है। शहर में एक महिला ने नौकर के साथ मिलकर पति की निर्मम हत्या की थी। इसी मामले में अदालत ने नौकर और मृतक की पत्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दरअसल पांच साल पहले नौकर के साथ अवैध संबंधों का विरोध करने पर महिला ने नौकर के साथ मिलकर पति की गला घोटकर हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं उसके सिर पर बांके से भी हमला किया था। कोर्ट में सुनवाई के बाद अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के आधार पर सत्र न्यायाधीश निरुपमा विक्रम की अदालत ने पति की हत्या करने वाली महिला और उसके प्रेमी नौकर को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। इसके अलावा कोर्ट ने नौकर पर 30 हजार और महिला पर 25 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।

महिला ने रस्सी से अपने पति की दी दर्दनाक मौत
साल 2017 की 22 जून को शहर के थाना कोतवाली क्षेत्र में आवास विकास कॉलोनी के रहने वाले मनीष श्रीवस्तव की रस्सी से गला घोटकर और बांके के द्वारा सिर पर प्रहार कर निर्मम हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इन्ही की हत्या का खुलासा किया था। इसमें पुलिस का कहना था कि मनीष ने घटना से 9 साल पहले आवास विकास कॉलोनी निवासी शीतल वर्मा के साथ प्रेम विवाह किया था, मृतक पति, पत्नी और बच्चों के साथ अपनी ससुराल में रहता था। वह डीजे चलवाने का कोरबार करता था और उसका काम उसका नौकर राहुल कश्यप निवासी चंदीपुरवा देखता था। तभी घर आते जाते नौकर राहुल का मृतक की पत्नी शीतल वर्मा के साथ अवैध संबंध हो गए थे। 

पति ने दोनों को साथ देखने के बाद किया था विरोध 
हत्या की घटना वाले दिन सुबह मनीष ने दोनों को एक साथ देख लिया था। इसका विरोध किया तो शीतल ने रस्सी से गला कसकर और राहुल ने बांके से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं हत्या के बाद इसको हादसा करार देने के लिए दोनों मृत अवस्था में मनीष को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने देखते ही मृत घोषित किया और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या का खुलासा हुआ। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो उन्होंने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया था। 

मृतक की मां ने हत्या का मुकदमा कराया था दर्ज
दोनों के गुनाह स्वीकारने के बाद पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बांका,रस्सी और तमंचा व कारतूस बरामद कर दोनों को जेल भेज दिया था। मृतक की मां मायारानी श्रीवास्तव ने नौकर राहुल और बहु शीतल के खिलाफ बेटे की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। अभियोजन पक्ष की ओर से संजीव सिंह ने मुकदमे से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत किए और गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। इस हत्या की प्रक्रिया पांच साल तक चली और बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश निरुपमा विक्रम की अदालत ने नौकर राहुल और मृतक की पत्नी शीतल वर्मा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही शीतल को 25 हजार और राहुल को 30 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।

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