पीएम मोदी ने कहा कि हम करुणा से कोरोना को जवाब दे सकते हैं। हम संकट के इस समय में गरीबों के साथ करुणा दिखा सकते हैं। हम संकल्प लें कि अगले 21 दिन तक हम नौ गरीब परिवारों को पालने की जिम्मेदारी लें तो यह नवरात्रि सफल हो जाएगी। इसके साथ हम पशुओं का भी ध्यान दें।  

वाराणसी (Uttar Pradesh) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोगों से मुखातिब हुए। लोगों को प्रेरित करते पीएम ने कहा कि 21 दिन में हमें कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को जीतना है। इसमें काशीवासियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। संकट की इस घड़ी में काशी सबका मार्गदर्शन कर सकती है। काशी का तो अर्थ ही है शिव। इस संकट के समय में काशी के लोग पूरी दुनिया को सीख दे सकते हैं। शिव यानी कल्याण। शिव की नगरी में, महाकाल-महादेव की नगरी में संकट से जुझने का, सबको मार्ग दिखाने का सामर्थय है।

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पीएम के व्यापारी के सवाल का दिया ये जवाब
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि संकट के समय में सफेट कपड़ों में दिख रहे लोग ईश्वर का रूप हैं। ये डॉक्टर हमें बचा रहे हैं। उन्होंने एक काशी के एक व्यापारी के सवाल के जवाब देते हुए कहा कि कोरोना वायरस न हमारी संस्कृति को और न हमारे संस्कार को मिटा सकता है। कोरोना का जवाब देने का सबसे सटीक उपाय करुणा है।

पीएम ने समझाया कैसे सफल होगा व्रत
पीएम मोदी ने कहा कि हम करुणा से कोरोना को जवाब दे सकते हैं। हम संकट के इस समय में गरीबों के साथ करुणा दिखा सकते हैं। हम संकल्प लें कि अगले 21 दिन तक हम नौ गरीब परिवारों को पालने की जिम्मेदारी लें तो यह नवरात्रि सफल हो जाएगी। इसके साथ हम पशुओं का भी ध्यान दें।

पीएम ने वाराणसी में न होने का जताया खेद
पीएम ने कहा कि काशी का सांसद होने के नाते मुझे ऐसे समय में आपके बीच होना चाहिए था। लेकिन, आप यहां दिल्ली में जो गतिविधियां हो रही हैं, उससे भी परिचित हैं। यहां की व्यस्तता के बावजूद मैं वाराणसी के बारे में निरंतर अपने साथियों से अपडेट हूं।