वाराणसी के पहड़िया स्थित अशोका इंस्टीट्यूट में बीटेक चतुर्थ वर्ष की छात्रा शालिनी ने यह झुमका बनाया है। वो बताती हैं कि झुमके को बनाने में कुछ साधारण ब्लूटूथ, एक तीन इंच का बैरल और 3.7 बोल्ट की बैटरी लगाई गई है। इसे तैयार करने में मात्र तीन से चार सौ रुपये की लागत आई है।

वाराणसी (Uttar Pradesh)। बीटेक की एक स्टूडेंट ने झुमका गन बनाया है, जिससे लाल और हरी मिर्च के पाउडर से बनी गोलियां निकलेंगी। ये गोलियां इतनी ताकतवर होंगी कि मनचला दोबारा आंख उठाकर नहीं देख सकता है। यहीं नहीं तुरंत छेड़खानी की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को भी मिल जाएगी।

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इस तरह काम करेगा झुमका
सामान्य झुमके की तरह दिखने वाले इस विशेष झुमके को शालिनी ने मोबाइल के ब्लूटूथ से जोड़ा है। इसे मोबाइल से कनेक्ट कराया जाएगा। बस एक बार मोबाइल से 112 नंबर डायल कर अगर छोड़ दिया जाए तो और मोबाइल लॉक भी रहेगा तो भी इस झुमके के इस्तेमाल से सूचना पुलिस के नंबर 112 पर पहुंच जाएगी।

ऐसे किया गया है तैयार
वाराणसी के पहड़िया स्थित अशोका इंस्टीट्यूट में बीटेक चतुर्थ वर्ष की छात्रा शालिनी ने यह झुमका बनाया है। वो बताती हैं कि झुमके को बनाने में कुछ साधारण ब्लूटूथ, एक तीन इंच का बैरल और 3.7 बोल्ट की बैटरी लगाई गई है। इसे तैयार करने में मात्र तीन से चार सौ रुपये की लागत आई है।

एक घंटे चार्ज करने पर चलेगा सात दिन
विशेष परिस्थिति में इसे हाथ में लेकर गोली भी चलाई जा सकती है। इसमें हरे और लाल मिर्च के पावडर वाली गोली निकलेगी। मोबाइल में लगे ब्लूटूथ को एक घंटे चार्ज करने पर यह सप्ताह भर चल जाएगा। शालिनी के मुताबिक यह झुमका मनचलों को सबक सिखाने के साथ ही छात्राओं की सुरक्षा में भी सहायक होगा।