पुलिस कमिश्नर के मुताबिक बदमाश यश ठाकुर के पिता सीनियर पीसीएस अफसर हैं। इस समयर वक्फ बोर्ड में तैनात हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गर्लफ्रेंड को कार गिफ्ट में देने के लिए इस लूट की वारदात को अंजाम दिया था। 

लखनऊ (Uttar Pradesh) । गर्लफ्रेंड को इम्प्रेस करने के लिए एक सीनियर पीसीएस अफसर के बेटे ने अपराध का रास्ता अपना लिया। गर्लफ्रेंड को कार गिफ्ट करने के लिए अपने दोस्त के साथ लूट का प्लान तैयार किया और वारदात को अंजाम दिया। हालांकि बीती रात एनकाउंडर दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस के ज्‍वाइंट ऑपरेशन में यह एनकाउंटर किय गया, जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लगी है।

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पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार हुए दोनों बदमाश
लखनऊ के पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने बताया शनिवार रात में सुशांत गोल्फ सिटी के पास बिना नंबर की कार को पुलिस ने चेकिंग के दौरान रोकने की कोशिश की गई। लेकिन, पुलिस ने घेराबंदी कर कार रोका तो उसमें बैठे बदमाशों ने गोली चलाते हुए भागने की कोशिश की। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की तो एक बदमाश के पैर में गोली लगी और दूसरे को पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ लिया। 

केजीएमयू के डॉक्टर से लूटी थी कार
पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने बताया कि गोली लगने से घायल बदमाश का नाम आयुष सिंह उर्फ आयुष रावत है, जबकि दूसरे गिरफ्तार बदमाश का नाम यथार्थ सिंह उर्फ यश ठाकुर है। बदमाशों ने बताया कि 20 अप्रैल की रात सुशांत गोल्फ सिटी से केजीएमयू के डॉक्टर वीके सिंह की वेंटो कार लूटी थी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। 

गर्लफ्रेंड को गिफ्ट करने के लिए लूटी थी कार
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक बदमाश यश ठाकुर के पिता सीनियर पीसीएस अफसर हैं। इस समयर वक्फ बोर्ड में तैनात हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गर्लफ्रेंड को कार गिफ्ट में देने के लिए इस लूट की वारदात को अंजाम दिया था।

मुठभेड़ करने वाली टीम को 25 हजार का ईनाम
एसीपी कृष्णानगर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि यथार्थ कृष्णानगर कोतवाली क्षेत्र से गैंगस्टर एक्ट के तहत वांछित था, जिसकी तलाश की जा रही थी। वहीं, गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को पुलिस कमिश्नर ने टीम को 25 हज़ार रुपये का ईनाम दिया है।