रसायनों को मिलाकर कई तरह के यौगिक और सिंथेटिक कचरे को अनुसंधान द्वारा तैयार करते थे। फॉर्मूला सफल होने के बाद वह इसे साबुन, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, पान-मसाला, गुटखा जैसी कंपनियों को महंगे दामों पर एक्सपोर्ट करता था।

कन्नौज: सुर्खियों में आए कन्नौज के इत्र और कंपाउंड कारोबारी पीयूष जैन (Piyush Jain) का दुनिया के करीब 50 देशों में कारोबार है। जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (DGGI) की टीम की छापेमारी में यह खुलासा हुआ। घरों, गोदामों और कारखानों से दस देशों के रसायन (Cemical) मिले हैं। इसके साथ ही देश-विदेश भेजे जा रहे करीब 100 तरह के कंपाउंड (Compound) बरामद किए गए हैं। टीम ने सभी के सैंपल लिए हैं। सोमवार को डीजीजीआई की टीम को शहर के छिप्पट्टी मोहल्ले में कारोबारी पीयूष जैन के घर, गोदाम और फैक्ट्री से करोड़ों रुपये का केमिकल मिला।

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विदेशों से इम्पोर्ट करता था केमिकल 
जानकारी के अनुसार, इन रसायनों का आयात फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, जापान, चीन, कुवैत, इंडोनेशिया, नेपाल, सऊदी अरब और टेरान से किया जाता है। लगभग 100 प्रकार के रसायन और यौगिक तैयार पाए गए हैं। दुनिया के किन देशों और देश के राज्यों को, जिनके दस्तावेज टीम को भेजे जाने थे, वे भी टीम के हाथ में थे। टीम ने शीशियों में भरकर इनके सैंपल लिए हैं।

घर में बनी लैब, पीयूष करते हैं रिसर्च
बिजनेसमैन पीयूष जैन ने घर में ही लैब बनाई थी। वह रसायनों को मिलाकर कई तरह के यौगिक और सिंथेटिक कचरे को अनुसंधान द्वारा तैयार करते थे। फॉर्मूला सफल होने के बाद वह इसे साबुन, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, पान-मसाला, गुटखा जैसी कंपनियों को महंगे दामों पर एक्सपोर्ट करता था।

करीब 400 करोड़ की संपत्तियों का मालिक है पियूष
बेहद कम समय में हवाला रैकेट के जरिये धनकुबेर बने इत्र कारोबारी पीयूष जैन और उसके परिजनों के नाम देश के चार राज्यों में संपत्तियां हैं। कानपुर, कन्नौज समेत कानपुर देहात, आगरा, प्रयागराज, नोएडा के अलावा दिल्ली, मुंबई और गुजरात में करीब 400 करोड़ की संपत्तियां हैं। काली कमाई खपाने के लिए उसने दुबई में भी संपत्तियां खरीदी हैं। इधर, करोड़ों की नकदी मिलने के बाद डीजीजीआई की टीम ने नए बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ाई है। नोट बंदी के दौरान उसने कितने नोट बदलवाए, इसे भी जांच में शामिल किया गया है। इसके अलावा पांच वर्षों का बैंक स्टटमेंट निकालकर खातों से किए गए लेनदेन की जांच शुरू की गई है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि पीयूष जैन ट्रांसपोर्टर प्रवीण जैन की मदद से कुछ लोगों के साथ मिलकर लंबे समय से हवाला का काम कर रहा था।

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