पीएफआई का असर 13 राज्यों में है। कई मुस्लिम संगठन इससे सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। इस संगठन के सदस्यों की संख्या हजारों में पहुंच चुकी है। 

लखनऊ (उत्तर प्रदेश) । प्रदेश में स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) पर प्रतिबंध के बाद पीएफआई पर प्रतिबंध लग सकता है। सीएए के विरोध में फैली हिंसा के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने पीएफआई की हर स्तर पर भूमिका को लेकर जांच तेज करने को कह दिया है। बता दे कि इस संगठन के तीन लोगों को लखनऊ में गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से आपत्तिजनक वस्तुएं मिली हैं। 

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13 राज्य में है पीएफआई की पहुंच
पीएफआई का असर 13 राज्यों में है। कई मुस्लिम संगठन इससे सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। इस संगठन के सदस्यों की संख्या हजारों में पहुंच चुकी है। 

सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं भड़काऊ मैसेज
लखनऊ समेत यूपी में हुई हिंसा में अब तक की जांच में पता चला है कि पीएफआई से जुड़े लोगों ने सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सएप पर भड़काऊ मैसेजेस भेजकर लोगों को उकसाने का काम किया। 

पीएफआई भूमिका है संदिग्ध
बता दे कि पुलिस का दावा है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई की भूमिका संदिग्ध है। पुलिस और सरकार ने दावा किया है कि प्रतिबंधित संगठन सिमी के लोग पीएफआई नाम के संगठन में शामिल हैं। इन लोगों ने नियोजित तरीके से हिंसा करने के लिए लोगों को उकसाया है।