पीएम मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम के दौरान काकोरी रेलवे स्टेशन का जिक्र किया। इसी के साथ अपील करते हुए कहा कि आसपास के शिक्षक यहां बच्चों को ले जाकर उस कहानी को बताए। 

लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 91वें एपिसोड के दौरान लखनऊ के काकोरी रेलवे स्टेशन की चर्चा की। पीएम ने कार्यक्रम में कहा कि भारत अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे कर रहा है। हमें ऐसे तमाम रेलवे स्टेशनों के बारे में जानना चाहिए जो कि स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से जुड़े हुए हैं। इसी के साथ उन्होंने अपील की कि सभी लोग 13 अगस्त से लेकर 15 अगस्त तक अपने घरों में तिरंगा जरूर फहराएं। इसी के साथ सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भी तिरंगा लगाए। 

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आसपास के शिक्षकों से की अपील 
मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि आपने लखनऊ के पास काकोरी रेलवे स्टेशन का नाम जरूर सुना होगा। इस स्टेशन के साथ में राम प्रसाद बिल्मिल और अशफाक उल्लाह खान जैसे जांबांजों का नाम जुड़ा हुआ है। यहाँ ट्रेन से जा रहे अंग्रेजों के खजाने को लूटकर वीर क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों को अपनी ताक़त का परिचय करा दिया था। इस रेलवे स्टेशन के आसपास के शिक्षकों से पीएम मोदी ने आग्रह करते हुए कहा कि वह अपने स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों को यहां पर जरूर लेकर जाएं। काकोरी स्टेशन पर जाकर बच्चों को पूरा घटनाक्रम सुनाया और समझाया जाए। 

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काकोरी ट्रेन एक्शन से हुई थी सरकारी खजाने में लूट
आपको बता दें कि काकोरी ट्रेन एक्शन के लिए हमेशा ही रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, राजेंद्रनाथ लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह समेत दस क्रांतिकारियों को याद किया जाता है। इस घटना को अंजाम देने वाले ज्यादातर लोग हिंदुस्तान रिपब्लिक एसोसिएशन से जुड़े थे। इसमें से कुछ लोगों को बाद में फांसी भी दे दी गई थी। घटना एक ट्रेन लूट से जुड़ी हुई थी जो कि 9 अगस्त 1925 को काकोरी से चली थी। आंदोलनकारियों ने इस ट्रेन को लूटने का प्लान बनाया था। ट्रेन लखनऊ से करीब 8 मील की दूरी पर थी तभी क्रांतिकारियों ने गाड़ी को रुकवाया और सरकारी खजाने को लूट लिया। इस घटना के लिए जर्मन माउजर का इस्तेमाल किया गया था और सरकारी खजाने से 4 हजार रुपए लुटे गए थे। 

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