वैक्सीनेटर्स के रूप में एमबीबीएस , बीडीएस,  स्टाफ नर्स बीएससी नर्सिंग, एएनएम, जीएनएम, फार्मासिस्ट को प्रशिक्षित कर रहा है। नर्सिंग छात्र-छात्राएं व इंटर्न, मेडिकल छात्र-छात्राएं व इंटर्न को भी टीकाकरण कार्यक्रम से जोड़ा गया है। इसके अलावा अधिकारियों ने स्वयं सेवकों को भी प्रशिक्षित करने की सलाह भी दी है। 

लखनऊ (Uttar Pradesh) । कोरोना वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर है। कोरोना वैक्सीन के लिए प्रदेश में बनाए गए करीब 1300 कोल्ड चेन प्वॉइंट सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रहेंगे। इतना ही नहीं, प्रदेश की सीमा में वैक्सीन पहुंचते ही पुलिस की निगरानी में आ जाएगी। ईवीएम की तरह की वैक्सीन को पुलिस सुरक्षा में टीकाकरण केंद्र तक पहुंचाया जाएगा।

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सभी डीएम को दिए गए ये निर्देश
प्रदेश सरकार ने वैक्सीन के प्रदेश की सीमा से टीकाकरण केंद्र तक पहुंचाने का रोड मैप तैयार कर लिया है। इसके लिए सभी जिलों के डीएम को सीसीटीवी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा कोल्ड चेन प्वॉइंट पर मैनपावर और पावर बैकअप भी रखा जाएगा।

ये भी है तैयारी
वैक्सीनेटर्स के रूप में एमबीबीएस , बीडीएस, स्टाफ नर्स बीएससी नर्सिंग, एएनएम, जीएनएम, फार्मासिस्ट को प्रशिक्षित कर रहा है। नर्सिंग छात्र-छात्राएं व इंटर्न, मेडिकल छात्र-छात्राएं व इंटर्न को भी टीकाकरण कार्यक्रम से जोड़ा गया है। इसके अलावा अधिकारियों ने स्वयं सेवकों को भी प्रशिक्षित करने की सलाह भी दी है। 

सेवानिवृत्त डॉक्टर से भी ली जाएगी मदद
टीकाकरण की तैयारियों को पुख्ता बनाने के लिए वैक्सीनेटर्स टीका लगाने वालों की संख्या को भी बढ़ाया जा रहा है। सरकारी और निजी दोनों ही सेवाओं से वैक्सीनेटर्स को लिया जा रहा है। कर्मचारियों की कमी न हो इसके लिए सेवानिवृत्त स्वास्थ्य कर्मियों का बैकअप रखा जाएगा।